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महाप्रबंधक ने कहा शताब्दी की संख्या कम करने की संख्या रेलमंत्री की व्यक्तिगत राय थी

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15 अगस्त से चलेगी तेजस: विश्वेश चौबे
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- महाप्रबंधक ने कहा, शताब्दी की संख्या कम करने की संख्या रेलमंत्री की व्यक्तिगत राय थी
- रेलवे बोर्ड की ओर से ऐसा कुछ भी नहीं किया जा रहा, शताब्दी जैसे चल रहीं हैं वैसे हीं चलेंगी

अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। ट्राइसिटी के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। 15 अगस्त से चंडीगढ़-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर तेजस दौड़ सकती है। इसकी पुष्टि खुद नॉर्दन रेलवे के प्रबंधक विश्वेश चौबे ने की। वह बुधवार को हरियाणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात के लिए चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। महाप्रबंधक ने उम्मींद जताई है कि 15 अगस्त से तेजस का संचालन चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से शुरू किया जाएगा। इस दौरान नार्दन रेलवे महाप्रबंधक के साथ अंबाला मंडल के डीआरएम, सीनियर डीसीएम व चंडीगढ़ के स्टेशन अधीक्षक भी मौजूद थे। तेजस ट्रेन प्रोजेक्ट के प्रपोजल पर रेल मंत्री ने भी संज्ञान लिया था। इसका प्रपोजल रेलवे बोर्ड के पास भेजा गया है। हाल हीं में तेजस के कोच भी दिल्ली आ चुके हैं। ऐसे में ट्रेन का चलना अब स्वाभाविक है। वहीं शताब्दी की संख्या कम करने की बात पर महाप्रबंधक ने कहा कि यह रेलमंत्री की अपनी व्यक्तिगत राय थी। रेलवे बोर्ड की ओर से ऐसा कुछ भी नहीं किया जा रहा है। हां, शताब्दी में पैसेंजर कम का मुद्दा गंभीर है। इस बात का अध्ययन किया जाएगा कि ऐसा क्यों हो रहा है।

तेजस के कोच विमान के केबिन से कम नहीं
तेजस के कोचों को आधुनिक और लग्जरी स्टाइल में डिजाइन किया गया है। तेजस के कोच किसी विमान के केबिन से कम नहीं हैं। इसमें बैठने वाले यात्री विमान का एहसास करेंगे। तेजस में दो तरह की सीटें एग्जीक्यूटिव क्लास और चेयर कार होंगी। इस ट्रेन के कोच में तमाम लग्जरी सुविधाएं जैसे मनोरंजन, स्थानीय भोजन और वाई-फाई सुविधा शामिल हैं। चंडीगढ़-दिल्ली रेल मार्ग पर चलने वाली कुल 13 कोच की इस ट्रेन में एक एसी एग्जीक्यूटिव कार है, जिसमें 56 यात्रियों के बैठने की क्षमता है। इसके अलावा 12 एसी चेयर कार होगी और प्रत्येक चेयर कार में करीब 78 यात्री बैठ सकते हैं।
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कोच में सुरक्षा का भी पुख्ता इंतजाम
सुरक्षा के लिहाज से पूरी ट्रेन में सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। वहीं आग से बचाव के लिए इस लग्जरी ट्रेन के कोच एवं पावर कार में फायर डिटेक्टर सिस्टम भी लगे होंगे। फर्श पर मार्बल फिनिश एंटर ग्रेफिटी कोचिंग होगी और रोशनी के लिए पूरी तरह से एलईडी लाइट लगाई गई है। वहीं डस्टबिन भी नए डिजाइन का लगाया है। वहीं कोच दरवाजों को गार्ड पैनल से नियंत्रित किया जा सकता है। सीटों के टिकने वाले भाग और आर्म रेस्ट को अधिक ऊंचा एवं नई डिजाइन से बनाया गया है। एक्जीक्यूटिव चेयरकार श्रेणी में गैस स्प्रिंग वाला लेग सपोर्ट लगाया गया है। हर सीट पर यूएसबी चार्जिंग सुविधा होगी।
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सोसासटी ने की महाप्रबंधक से डॉक्टर की मांग
बुघवार को रेलवे सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसायटी ने भी अपनी समस्याओं को हल करवाने के लिए रेलवे के महाप्रबंधक को एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें रेलवे कालोनी में बने अस्पताल में डॉक्टर की नियुक्ति को लेकर मांग की गई है। डॉक्टर नहीं होने की वजह से यहां इलाज के लिए आने वाले लोगों अंबाला या फिर पंचकूला के जनरल अस्पताल में इलाज के लिए जाना पड़ता है। अगर यहां डॉक्टर की नियुक्ति हो जाए तो रेलवे स्टाफ को काफी सहूलियत मिलेगी।
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