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आज से पार्किंग होगी फ्री रेग्यूलेट

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पार्किंग को आउटसोर्स न करने की सोसाइटी ने की मांग
रेजीडेंट्स के फीडबैक से तय होगा पेड पार्किंग का भविष्य
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। पेड पार्किंग के ट्रायल के बाद अब मंगलवार से तीन सेक्टरों (आठ, नौ और 10) की मार्केट में वाहनों की पार्किंग पर नि:शुल्क नजर रखी जाएगी। नगर निगम ने इस दिशा में पहल करते हुए पार्किंग एरिया में वाहनों की बेतरतीब पार्किंग की बजाय वाहनों को नियत स्थान पर पार्क करने सहित इस व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। फिलहाल, पार्किंग निशुल्क होगी, लेकिन पेड पार्किंग की तर्ज पर सभी पहलुओं पर बारीकी से नजर रखी जाएगी। उधर, नगर निगम के प्रशासक का कहना है कि रेजीडेंट्स से मिलने वाले फीडबैक सहित सभी हितधारकों से इस विषय में चर्चा के बाद ही कोई भी फैसला लिया जाएगा।
लोक सर्वहितकारी सोसाइटी ने निगम आयुक्त को पत्र लिखकर सेक्टरों की पार्किंग आउटसोर्स न करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अगर पार्किंग को आउटसोर्स किया गया तो इसमें घपला होने की आशंका बढ़ेगी। सोसाइटी के प्रधान राकेश अग्रवाल ने कहा कि पेड पार्किंग को लेकर आ रहे बयान से ऐसा लग रहा है कि इसके लिए निगम ने तैयारी कर ली है। रेजीडेंट्स ने पेड पार्किंग के ट्रायल के दौरान विरोध जताते हुए रेट, सुविधाएं माकूल न होने सहित चंडीगढ़ की तर्ज पर पंचकूला में इसे लागू करने पर ऐतराज जताया।
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पेड पार्किंग के लिए तैयार नहीं है पंचकूलावासी
अग्रवाल ने कारों की पार्किंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि रोजाना कितनी कारें आती हैं और इनके लिए जगह कितनी हैं। किस मार्केट में वाहन सड़क या फुटपाथ पर होते हैं, इसका अध्ययन करने के बाद ही इस दिशा में कोई पहल की जानी चाहिए। उन्होंने पार्किंग को पेड करने पर जनता के पैसों की बर्बादी का आरोप लगाते हुए कहा कि फिलहाल पंचकूलावासी पेड पार्किंग के लिए तैयार नहीं हैं।

मंडी के बाहर वाहनों की बेतरतीब पार्किेंग पर पहले कसेे शिकंजा
रेजीडेंट्स का कहना है कि पार्किंग को पेड करने की बजाय सड़क पर खड़े होने वाले वाहनों की पार्किंग और साप्ताहिक मंडी के बाहर सैकड़ों की तादाद में पार्क वाहनों की निगरानी कर इसके बेहतर प्रबंधन की दिशा में कदम उठाया जाना चाहिए। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस को आगे आने सहित लोगों में भी जागरूकता जरूरी है। शहर की कई पार्किंग एरिया ऐसी हैं, जहां बुनियादी सुविधाएं माकूल नहीं हैं।

पेड पार्किंग: न हाउस में हुई कभी चर्चा, न एजेंडा में था शामिल
पूर्व मेयर उपिन्दर कौर अहलूवालिया से जब पेड पार्किंग के ट्रायल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि इससे आम लोगों पर बोझ बढ़ेगा। पहले हाउस में न तो कभी इस विषय में चर्चा हुई और न ही एजेंडा में शामिल था। अन्य पार्षदों का भी इस बारे में कहना है कि न केवल रेजीडेंट्स बल्कि विधायक ने भी कहा है कि पेड पार्किंग लागू नहीं होगी। उनका यह भी आरोप है कि यह एक ऐसा मुद्दा है, जिससे सभी का ताल्लुक है, फिर बगैर अध्ययन और फीडबैक के इसे लागू करने की दिशा में सोचना भी प्रायोगिक नहीं है।

पार्किंग के फ्री रेग्यूलेट करने के पीछे क्या है राज
पेड पार्किंग के मुद्दे पर जिस तरह विधायक ज्ञानचंद गुप्ता और नगर निगम के विचार बिल्कुल उलट हैं। रेजीडेंट्स ने भी पेड पार्किंग लागू करने के लिए की गई ट्रायल पर जोरदार विरोध दर्ज कराया। अब, अगर इसे सभी सेक्टरों में लागू करने के लिए इसे निशुल्क रखते हुए रेग्यूलेट किया जाता है तो इसके पीछे भी कोई न कोई वजह जरूर है। पार्किंग को अगर व्यवस्थित कर और बेहतर बनाना है तो इसमें ट्रैफिक पुलिस की भूमिका अहम होगी।
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हर माह 75 लाख से एक करोड़ का पंचकूला वासियों पर होगा बोझ
महज एक दिन में ही निगम को ट्रायल के दौरान करीब 70 हजार रुपये की कमाई हुई। तीन सेक्टरों की बजाय इसे सभी सेक्टरों में अगर लागू किया जाता है हर माह पंचकूलावासियों की जेब से हर माह 75 लाख से एक करोड़ रुपये का बोझ पंचकूला वासियों पर पड़ेगा। रेजीडेंट्स की दलील है कि फिलहाल तो पार्किंग की पंचकूला को जरूरत है और न ही इस लिहाज से तैयारी हो सकती है।
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