कालका-शिमला ट्रैक पर मलबा गिरने के कारण थमे टॉय ट्रेनों के पहिए
- सनवारा-कोटी और कंडाघाट से कनोह स्टेशनों के बीच 40 मिनट तक टॉय ट्रेनों को रोकना पड़ा
- कालका-शिमला एनएच-5 पर भी सोलन के बीच फोरलेन निर्माण के कारण मलबा आने से वाहन चालकों को हुई दिक्कत
अमर उजाला ब्यूरो।
कालका। हिमाचल में पिछले तीन दिनों से हो रही भारी बारिश ने हैरिटेज कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर दो टॉय ट्रेनों के पहिए रोक दिए। शनिवार सुबह के समय सनवारा-कोटी के बीच और शाम को कंडाघाट से कनोह स्टेशनों के बीच 40 मिनट तक टॉय ट्रेनों को रोकना पड़ा। रेलवे अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार शिमला से कालका की ओर आ रही 52458 ट्रेन शाम को चार बजे कनोह रेलवे स्टेशन से चली लेकिन कनोह से कंडाघाट स्टेशनों के बीच पहाड़ों के मलबे ट्रैक पर गिरने से ट्रेन को 40 मिनट रोकना पड़ा।
उक्त ट्रेन में सफर कर रहे यात्री रामहेत गौतम ने बताया कि वह शिमला से कालका के लिए 52458 में बैठा था। उन्होंने बताया कि कंडाघाट से कुछ दूरी पर एक घास काटने वाले व्यक्ति ने लाल कपड़ा दिखाकर ट्रेन को रोका और फिर गार्ड को सूचना दी कि आगे ट्रैक पर पहाड़ का मलबा गिरा हुआ है जिसके बाद कंडागाट स्टेशन पर जानकारी दी गई तब वहां से कर्मचारियों को बुलाकर ट्रैक से मलबा साफ करवाया गया। उधर, सुबह साढ़े तीन बजे कालका से शिमला की ओर जा रही 52457 ट्रेन कोटी से सनवारा के बीच ट्रैक पर मलबा गिरने के कारण कोटी रेलवे स्टेशन पर दो घंटे रोकनी पड़ी और छह बजे ट्रेन को शिमला की ओर रवाना किया गया। लगातार हो रही बारिश में जहां कालका-शिमला एनएच पांच पर भी सोलन के बीच फोरलेन निर्माण के कारण मलबा आने से वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।