रोजाना परिजनों से बातचीत के लिए हनीप्रीत ने लगाई अदालत से गुहार
- याचिका लगाकर अन्य कैदियों की तरह पारिवारिक सदस्यों से 30 मिनट तक बातचीत की इजाजत मांगी
- कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के लिए सात अगस्त की तारीख तय की
- इससे पूर्व हनीप्रीत ने जेल प्रशासन से भी अपने परिजनों से बातचीत की इजाजत मांगी थी, लेकिन नहीं मिली
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख की राजदार हनीप्रीत ने अपने परिजनों से बातचीत के लिए अदालत में याचिका दी है। पिछले 271 दिनों से अंबाला जेल में बंद हनीप्रीत पर 25 अगस्त, 2017 को पंचकूला में हुई हिंसा मामले में देशद्रोह का आरोप है। लेकिन, अब अन्य कैदियों की तरह उसने भी अपने परिजनों से बातचीत की इच्छा जताते हुए अदालत से गुहार लगाई है। अदालत ने इस मामले में सुनवाई के लिए सात अगस्त की तारीख तय की है।
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पंचकूला की अदालत ने साध्वी यौन शोषण मामले में दोषी करार दिया तो 25 अगस्त, 2017 को पंचकूला में भड़की हिंसा में हनीप्रीत सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए। हनीप्रीत की ओर से वकील ने पंचकूला की अदालत में याचिका लगाकर अन्य कैदियों की तरह रोजाना अपने परिवार के सदस्यों से 30 मिनट तक बातचीत की इजाजत मांगी है। हनीप्रीत ने अपनी याचिका में जेल मैन्युअल का हवाला देते हुए कहा है कि मुझे भी अन्य कैदियों की तरह बातचीत का मौका मिलना चाहिए, इसके लिए भेदभाव क्यों किया जा रहा है। बचाव पक्ष ने याचिका में कहा है कि यह मेरा संवैधानिक हक है। मैं अपराधी हूं, लेकिन ऐसा तो नहीं हो सकता है कि मैं आने वाले वक्त में खाना भी न खा पाऊं।
हरियाणा सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस याचिका का विरोध करते हुए याचिका खारिज करने की मांग की है। फिलहाल अदालत ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रखा है। इससे पहले भी हनीप्रीत ने जेल प्रशासन को भी इसी तरह का पत्र लिखकर अपने परिजनों से बातचीत की इजाजत मांगी थी, लेकिन नहीं मिली।