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पीएचसी बरवाला के मरीज एक छोटी सी एम्बुलेंस के सहारे। सभी मरीजों को नहीं मिल पाती एम्बुलेंस की सुविधा।

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18 गांवों की आबादी और एंबुुलेंस एक
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- बरवाला पीएचसी के अंतर्गत आते हैं बरवाला, भरैली, मौली व ककराली चार सब सेंटर
- ग्रामीणों ने एक छोटी एंबुलेंस को बताया नाकाफी, बोले, मौके पर नहीं मिलती एंबुलेंस

अमर उजाला ब्यूरो
बरवाला। इन दिनों बरवाला के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएचसी) में आने वाले मरीज को निजी वाहनों के जरिये पंचकूला और चंडीगढ़ जैसे उच्च स्तर के अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। क्योंकि पीएचसी में केवल एक ही एंबुलेंस हैं। जिससे सभी मरीजों को समय पर एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिलती है। कस्बे के निवासी कृष्ण पाल राणा, राजपाल सैनी, मौली वासी मिथुन, रणदीप सिंह, करनैल सिंह व चमन आदि ने बताया कि इस पीएचसी के अंतर्गत बरवाला, भरैली, मौली व ककराली चार सब सेंटर व 18 गांव आते हैं। इसके अलावा कई पोल्ट्री फार्म, ईंट-भट्टे पर रहने वाले अप्रवासी मजदूर भी अपनी बीमारी के इलाज के लिए पीएचसी की ओर रुख करते हैं। जिस वजह से किसी भी समय एंबुलेंस की आवश्यकता पड़ती रहती है। इसके अलावा पीएचसी में गांवों के मरीजों, गर्भवती महिलाओं व नेशनल हाईवे पर दुर्घटनाओं का शिकार होने वाले लोगों को कई बार समय पर एंबुलेंस नहीं मिल पाती, क्योंकि एंबुलेंस पहले से ही किसी मरीज को पंचकूला, सेक्टर-6, अस्पताल में लेकर गई होती है। समय पर एंबुलेंस न मिलने पर दुर्घटना में घायल व्यक्ति मौके पर ही दम तोड़ देता है। ऐसे में लोगों को अपने मरीजों व गर्भवती महिलाओं के लिए किराए पर वाहन कर अस्पताल जाना पड़ता है। साथ ही लोगों का कहना है कि विभाग की ओर से जो एंबुलेंस बरवाला पीएचसी को दी हुई है वह इतनी छोटी है कि उसमें दुर्घटना होने पर एक या दो ही मरीज आ सकते हैं और मरीज के साथ जाने वाले व्यक्ति के लिए एंबुलेंस में बैठने के लिए जगह ही नहीं बचती। जिस वजह से लोगों ने एक ओर एंबुलेंस की व्यवस्था करने की मांग की है।
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