जेल भरो आंदोलन आज, तैयारियां पूरी
- कर्मचारी और सरकार आमने-सामने, देंगे गिरफ्तारी
- अलग-अलग विभागों के हजारों कर्मचारी और वर्कर लेंगे हिस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर आज होने वाले जेल भरो आंदोलन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अलग-अलग विभागों के हजारों कर्मचारी और वर्कर इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। सभी विभागों में दौरा करने के बाद सर्व कर्मचारी संघ के स्टेट ऑडिटर सतीश सेठी, जिला प्रधान रामपाल मालिक, सचिव श्रवण कुमार जांगड़ा, कैशियर मास्टर विजय पाल, लक्ष्मण बतौड़, लच्छी राम, सोमनाथ गिल, सोमदत्त ने किया।
उन्होंने बताया कि जेल भरो आंदोलन में बिजली, आईटीआई, फायर ब्रिगेड, पैक्स, जनस्वास्थ्य, वन, स्वास्थ्य, सिंचाई, शिक्षा, रिटायर्ड कर्मचारी, कालेज टीचर, टूरिज्म, पटवारी, रोडवेज, पशुपालन, पंचायत सहित सभी विभागों के मुख्यालयों में कार्यरत कर्मियों सहित विभिन्न परियोजनाओं से संबंधित सीटू से जुड़े आंगनबाड़ी, आशा व मिड-डे-मील वर्कर, आउटसोर्सिंग कर्मी, ग्रामीण चौकीदार, वन मजदूर व ग्रामीण सफाई कर्मचारी भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। कर्मचारियों में सरकार की वादाखिलाफी और हाईकोर्ट के फैसले को निष्प्रभावी बनाने के लिए विधानसभा में बिल पास करने में ढुलमुल रवैये के खिलाफ भारी गुस्सा है।
सभी विभागों में काम करने वाले कच्चे कर्मियों को कानून बनाकर पक्का किया जाए तब तक समान काम-समान वेतन लागू किया जाए। घोषणा पत्र के वायदे के अनुसार पंजाब के समान वेतनमान व पेंशन लागू की जाए। सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार हाउस रेंट सहित सभी भत्तों को जनवरी 2016 से लागू किया जाए। वापस ली गई 2000 रुपये की अंतरिम राहत को वेतन का हिस्सा बनाया जाए। संघर्षों से हासिल की गई परिभाषित पेंशन प्रणाली जनवरी 2006 के बाद नियुक्त कर्मचारियों पर भी लागू की जाए। एनपीएस को फौरन बंद किया जाए। मृतक कर्मचारी के आश्रित को बिना शर्त योग्यता के आधार पर पक्की नौकरी देने की नीति को बहाल किया जाए। वास्तविक खर्च पर आधारित बगैर किसी शर्त के कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू की जाए। सार्वजनिक सेवाओं का विस्तार, आउटसोर्सिंग, निजीकरण पीपीपी व ठेका प्रथा पर रोक सहित अन्य मांगें हैं।