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मंदिरों को तोडने को लेकर राजनीति गरमाई

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मंदिरों को तोड़ने को लेकर राजनीति गरमाई
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- विरोध के बाद रैली गांव में मंदिर तोड़ने पहुंची टीम लौटी बैरंग
- विधायक ने भी कार्रवाई की निंदा, अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की

अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
शहर में मंदिरों को तोड़ने के मामले को लेकर राजनीति गरमाने लगी है। एक के बाद एक मंदिर तोड़ने पर विपक्ष ने भाजपा पर निशाना साधते हुए प्राचीन मंदिरों पर हो रही कार्रवाई को तत्काल रोकने की मांग की है। उधर, पंचकूला के विधायक ज्ञानचंद गुप्ता ने भी मंदिर तोड़ने के मामले को विपक्ष की सरकार को बदनाम करने की साजिश करार दिया है। उन्होंने इस मामले की जांच भी करवाने की प्राधिकरण से आला अधिकारी से मांग की है। पिछले दो हफ्तों के दौरान हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से मंदिर तोड़ने की यह दूसरी बार कार्रवाई की जा रही थी, जिसे कांग्रेस के विरोध के बाद स्थगित किया गया।
प्रदेश के पूर्व डिप्टी सीएम चंद्रमोहन ने कहा कि पंचकूला का कोई भी मंदिर नहीं तोड़ने देंगे, चाहे इसके लिए कोई भी कीमत चुकानी पड़े। सेक्टर-आठ स्थित अपने निवास पर चंद्रमोहन ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि भाजपा सरकार एक तरफ तो मंदिर बनाने की बात करती है तो दूसरी तरफ प्राचीन मंदिरों को तोड़ना चाहती है। उन्होंने सोमवार को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की टीम की ओर से सेक्टर-12 ए स्थित गांव रैली में शिव मंदिर को तोड़ने के प्रयास पर विरोध दर्ज कराया।
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पूर्व उप मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार धर्म व जाति के नाम पर राजनीति कर देश को बांटना चाहती है। उन्होंने स्थानीय विधायक पर आरोप लगाते हुए कहा कि अपने बेटे के नाम पर बने हुए ट्रस्ट के नाम पर मंदिर की जमीन ट्रांसफर करवाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह मंदिर पंचकूला बनने से पहले बन चुका था। दान में दी हुई जमीन पर बने मंदिर की जमीन पर सरकार कभी भी कब्जा नहीं कर सकती है। उन्होंने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्रशासक को दो टूक शब्दों में कहा कि पंचकूला का कोई भी मंदिर नहीं गिराने देंगे।
गांव रैली में शिव मंदिर तोड़ने पहुंची प्राधिकरण की टीम को महिलाओं के भी विरोध का सामना करना पड़ा। हरियाणा महिला कांग्रेस की वरिष्ठ उपप्रधान रंजीता मेहता के नेतृत्व में समर्थकों ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कह दिया कि मंदिर को किसी हालत में टूटने नहीं दिया जाएगा। भाजपा का दोहरा चेहरा लोगों के सामने आ चुका है। लोगों के विरोध को देखते हुए कर्मियों और अधिकारियों ने 10 दिनों की मोहलत देने के बाद लौट गए। रंजीता ने कहा कि मंदिरों को तोड़कर धार्मिक आस्था से खिलवाड़ किया जा रहा है। आप के जिला प्रधान योगेश्वर शर्मा ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बार बार मंदिर के मुद्दे उठाकर देश व प्रदेश की सत्ता पर काबिज होने वाली भाजपा का असली चेहरा जनता के सामने आ रहा है। भाजपा अपने स्वार्थ के चलते पंचकूला के मंदिरों को तुड़वाने का काम कर रही है।
इनेलो व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष कुलभूषण गोयल ने कहा है कि भाजपा मंदिर बनवाने के दम पर सत्ता में आई थी। जो अब तक तो बना नहीं, लेकिन शहर के पुराने मंदिरों को तोड़ने का काम किया जा रहा है। गांव रैली में मंदिर तोड़ने पहुंची हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की टीम के खिलाफ गोयल सहित समर्थक भी डटकर खड़े रहे। गोयल ने भाजपा सरकार, राम के नाम का सहारा लेकर सत्ता में आई लेकिन उनके राज में सेक्टर-11 में पुराना नगर खेड़ा मंदिर, गोगा माड़ी, शीतला माता मंदिर को तोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है।
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विधायक ने विपक्ष की साजिश के लगाए आरोप, जांच की मांग
रैली गांव में प्राचीन शिव मंदिर को तोड़ने के प्रयास की विधायक ज्ञान चंद गुप्ता ने गहरी निंदा की। उन्होंने शिव मंदिर में पहुंचकर शिव मंदिर समिति के सदस्यों से मुलाकात कर भरोसा दिया कि इस प्राचीन शिव मंदिर को किसी भी कीमत पर तोड़ने नहीं देंगे। इस मामले को लेकर विधायक ज्ञान चंद गुप्ता, भाजपा के जिला अध्यक्ष दीपक शर्मा, जिला महामंत्री हरिंदर मालिक, भाजयुमो के जिलाध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक जे. गणेशन से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि कई वर्षों से यह मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। उन्होंने आग्रह किया कि इस मंदिर की जगह का उचित मूल्य लेकर जगह मंदिर सभा को आवंटित कर दी जाए। विधायक ने कहा कि कुछ अधिकारी विपक्षी दलों के साथ मिलकर सरकार और विधायक को बदनाम करने की साजिश कर रहें हैं। उन्होंने मुख्य प्रशासक से मुलाकात कर ऐसे अधिकारियों के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई करने की भी मांग की।
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