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ऐसे शैतान नहीं हैं उदारता के लायक

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ऐसे शैतान नहीं हैं उदारता के लायक
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- अपना घर मामला: विशेष न्यायाधीश जगदीप सिंह ने दिए थे आदेश
- वकीलों को आदेश की विस्तृत कॉपी मिली
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
अपना घर मामले में जसवंती को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए विशेष न्यायाधीश ने अपने आदेश में लिखा है कि ऐसे शैतान किसी उदारता के लायक नहीं है। करीब 250 पन्नों के आदेश में विशेष न्यायाधीश जगदीप सिंह ने लिखा है कि दोषियों ने शारीरिक और मानसिक तौर पर कमजोर लोगों का फायदा उठाया है। जसवंती सरीखे शैतान सामाजिक कार्यकर्ता और वर्कर की आड़ में कमजोर का शेाषण करते हैं, जिन्हें बख्शा नहीं जाना चाहिए। इन पर नरमी के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता है।
रोहतक के अपना घर मामले में 27 अप्रैल को सीबीआई की अदालत में जसवंती, सतीश और जयभगवान को विशेष न्यायाधीश ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इस मामले में दोषी जसवंत को सात साल कैद की सजा सुनाई गई थी।
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वीरवार को वकीलों को आदेश की विस्तृत कॉपी मिली। इसमें न्यायाधीश ने दोषियों को सजा सुनाने में सख्त शब्दों का प्रयोग किया है। इस मामले में जसवंती समेत नौ को दोषी करार दिया गया था। इनमें जसवंती की बेटी सुषमा, काउंसलर वीणा, शीला को अंडरगॉन (पहले जेल में गुजारे वक्त को पूरी सजा) जबकि आरके सैनी और रोशनी को प्रोबेशन (यदि कोई गलत आचरण किया तो जेल जाना होगा) पर छोड़ दिया गया था।
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जज के विस्तृत आदेश में यह भी लिखा गया है कि दोषियों ने विश्वासघात करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। दूसरों को बसेरा देने और समाज के कल्याण का दावा करने वाली ऐसी संस्था की ओर से ही कमजोर लोगों के साथ खिलवाड़ किया गया। कमजोर को शरण देने की बजाय कैदी बनाकर रखने के साथ-साथ जसवंती और उसके साथियों ने मानवता की तमाम सीमाएं लांघते हुए ऐसे कृत्य किए। न्यायाधीश ने जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण पंचकूला को निर्देश दिए हैं कि इस मामले के पीड़ितों को सरकार की योजनाओं के तहत अधिक से अधिक मुआवजा दिए जाएं।
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