झूरीवाला में बनने वाले सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट से नहीं आएगी बदबू
- हैदराबाद से स्टडी टूर के बाद लौटी टीम, दो प्लांट का किया बारीकी से निरीक्षण
- कचरे से बनेगा खाद तो रिसाइकल प्लास्टिक भी बनाने की होगी कोशिश
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
शहर से रोजाना कई टन निकलने वाले कचरे को लेकर पैदा हुई समस्या जल्द सुलझ जाएगी। झूरीवाला में प्रस्तावित प्लांट को हैदराबाद की तर्ज पर बनाया जाएगा। साथ ही इस कचरे से बदबू न आए, इसे ध्यान में रखकर प्लांट तैयार किया जाएगा। साथ ही कचरा का प्रबंधन इस तरह से किया जाएगा, ताकि वेस्ट से खाद और रिसाइकिल प्लास्टिक भी तैयार किए जा सके। एक दिन पहले हैदराबाद से स्टडी टूर के बाद लौटी टीम ने वहां दो प्लांट का दौरा कर निरीक्षण किया। इस दौरान वेस्ट से कैसे खाद और रिसाइकल प्लास्टिक तैयार किए जा सकते हैं, इसकी बारीकियां देखी। इससे पहले नगर निगम ने कचरा इधर-उधर न बिखरे, इसके लिए एटीएम लगाने का भी निर्णय लिया है। जल्द ही झूरीवाला में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट भी तैयार किया जाएगा, ताकि शहर में पैदा होने वाले कचरे का उचित प्रबंधन किया जा सके।
विधायक ज्ञानचंद गुप्ता, नगर निगम आयुक्त राजेश जोगपाल, डिप्टी मेयर सुनील तलवार सहित अन्य अधिकारियों और चार आरडब्ल्यूए के प्रेसिडेंट इस स्टडी टूर में शामिल हुए। टीम ने ग्रेटर हैदराबाद म्यूनिसिपल कार्पोरेशन के दायरे में आने वाले दो प्लांट का मुआयना कर, वहां कैसे खाद तैयार करने के लिए कचरा इस्तेमाल में लाया जाता है, इस बारे में भी बारीकियां सीखीं। डिप्टी मेयर सुनील तलवार ने बताया कि एक प्लांट में रोजाना 5000 टन कचरे से खाद तैयार किया जाता है। 130 एकड़ में बने इस प्लांट के बीच में वॉकिंग ट्रैक भी है, जब सुबह के वक्त सैर करने वालों को बदबू नहीं आती। उन्होंने बताया कि पंचकूला के झूरीवाला में प्रस्तावित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में भी कचरे से किसी तरह की बदबू नहीं आएगी।
विशेष तकनीक का किया जाएगा इस्तेमाल
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए नगर निगम ने टेकिभनकल बिड खोल दी है। प्रक्रिया पूरी होने पर जल्द ही यहां प्लांट तैयार किया जाएगा। इस प्लांट में विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि घग्गर पार के सेक्टरों में रहने वालों को बदबू की समस्या नहीं आए।
स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल हो सकेगा पंचकूला
एटीएम की दिशा में पहल करने सहित कचरे को सेक्टरों से उठाने के लिए हाइड्रॉलिक मशीन के इस्तेमाल से भी कचरे की वजह से पैदा होने वाली परेशानी दूर होगी। इससे शहर में जहां सफाई होगी तो दूसरी तरफ स्मार्ट सिटी की दौड़ में पंचकूला को शामिल किए जाने की संभावना भी बढ़ेगी।