जननायक एक्सप्रेस की बोगी के नहीं खुले दरवाजे, सैकड़ों यात्री करते रहे इंतजार
- यात्रियों पर सुरक्षा कर्मियों की सख्ती, गंतव्य तक नहीं पहुंचे यात्री और न ही मिला रिफंड
- अधिकारी बोेले, ट्रेन रवाना होने के तीन घंटे के बाद रिफंड का नहीं है प्रावधान
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर रेल प्रशासन की लापरवाही को लेकर उस वक्त बवाल हो गया जब जननायक एक्सप्रेस का इंतजार कर रहे सैकड़ों यात्री ट्रेन में इसलिए नहीं सवार हो सके, क्योंकि अंदर मौजूद यात्रियों ने चंडीगढ़ स्टेशन पर बोगियों के गेट ही नहीं खोले। नियत समय के बाद ट्रेन स्टेशन से रवाना हो गई, लेकिन अमृतसर से चंडीगढ़ के रास्ते कटिहार को जाने वाली ट्रेन के दर्जनों स्टेशन के यात्रियों की सीटें आरक्षित होने के बावजूद इसमें सवार होने का मौका नहीं मिल सका। ट्रेन अपने नियत समय से करीब पांच घंटे देरी से पहुंची, लेकिन लंबे इंतजार के बाद भी स्थानीय यात्रियों का इंतजार खत्म नहीं हुआ।
इस परेशानी से यात्रियों में गहरा रोष और भी उस वक्त बढ़ गया, जहां इस मामले की शिकायत देने के लिए सुबह करीब पांच बजे रेलवे स्टेशन पर कोई जिम्मेवार अधिकारी नहीं मिला। यात्रियों ने रेलवे स्टेशन पर जमकर हंगामा किया। वहीं, सभी यात्री दूसरी ट्रेन से भेजने और टिकट रिफंड करने की मांग कर रहे थे। पूर्वांचल विकास महासंघ के प्रधान शशि शंकर तिवारी ने तत्काल इस मामले की सूचना अधिकारियों तक पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन फोन पर संपर्क नहीं हो सका।
इसी वजह से शताब्दी के चंडीगढ़ पहुंचने का भी वक्त हो गया, लेकिन यात्रियों का हंगामा नहीं थमा। मौके पर मौजूद आरपीएफ और जीआरपी को हल्के बल का भी प्रयोग करना पड़ा, जिसका यात्रियों ने जोरदार विरोध किया। मौके पर अरविंद, देवेंद्र, दिनेश, मुकेश यादव व राकेश शाह सहित अन्य यात्रियों को भी हिरासत में ले लिया गया। इसकी सूचना मिलते ही दड़वा के सरपंच गुरप्रीत सिंह हैप्पी भी पहुंच गए और उन्होंने यात्रियों को किराया रिफंड करने की मांग की। लेकिन अधिकारियों ने नियत का हवाला देते हुए बताया कि ट्रेन के रवाना होने के तीन घंटे बाद रिफंड का प्रावधान नहीं है।