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पर्यटक बोले, टिकट बंद कर पर्यटन निगम को एंट्री कर कर देनी चाहिए फ्री

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पर्यटक बोले, टिकट बंद कर पर्यटन निगम को एंट्री कर कर देनी चाहिए फ्री
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- हरियाणा पर्यटन निगम की लापरवाही से गार्डन की खूबसूरती पर लग रहा बट्टा
- देश के कोने-कोने से पहुंच रहे पर्यटक गार्डन की व्यवस्था देख हो रहे मायूस

अमर उजाला ब्यूरो
पिंजौर।
यादविंद्रा गार्डन अपनी खूबसूरती के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है लेकिन हरियाणा पर्यटन निगम और अधिकारियों की लापरवाही के कारण गार्डन में फैली गंदगी और सुविधाओं की कमी इसकी खूबसूरती पर प्रश्न चिन्ह लगा रही है। जब इस संबध में गार्डन में घूमने आए सैलानियों से बात की तो उन्होंने भी कहा कि गार्डन की जिस खूबसूरती को देखने आए हैं थे वह यहां नहीं है। सैलानियों ने कहा कि जिस प्रकार से गार्डन में सुविधाओं का अभाव है उससे देख कर लग रहा है कि हरियाणा पर्यटन निगम को एंट्री टिकट बंद कर फ्री एंट्री कर देनी चाहिए। गौरतलब है कि निगम ने कुछ माह पहले गार्डन की एंट्री टिकट के रेट 20 रुपये से बढ़ा कर 25 रुपये कर दिए है उस हिसाब से पर्यटकों के दी जाने वाली सुविधाओं में कोई इजाफा नहीं किया। विगत कुछ सालों से गार्डन घूमने आ रहे पर्यटकों की संख्या बढ़ने की बजाय कम होती जा रही है।

महाराष्ट्र निवासी प्रकाश कारजे ने बताया कि उनका ग्रुप महाराष्ट्र से पिंजौर के यादविंद्रा गार्डन को देखने को आया है। लेकिन यहां की व्यवस्था देख कर उन्हें मायूसी लगी। गार्डन में लगे अधिकतर फव्वारे बंद पड़े हैं।
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हरिद्वार निवासी और आचार्य कुलम पतंजलि योगपीठ के डायरेक्टर एलआर सैनी ने बताया कि यहां उनके साथ आए बच्चों के मनोरंजन के लिए कुछ भी नहीं है। गार्डन में एक जू होना चाहिए, ताकि उसमें जानवर, पक्षियों को देखकर बच्चे खुश हो सकें।

दिल्ली के द्वारका निवासी अभिषेक ने बताया कि गार्डन में सिक्योरिटी न होने के कारण लोग पेड़ों और गार्डन की दीवारों पर लिख कर खराब कर रहे हैं और उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। अभिषेक ने बताया कि गार्डन परिसर की पार्किंग में न तो पीने के पानी की सुविधा है और न ही टॉयलेट आदि की जगह।
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पंजाब निवासी एवन सहगल ने बताया कि गार्डन में फव्वारे हमेशा चलते रहने चाहिए। अधिकतर पर्यटक सुबह से शाम तक गार्डन में पहुंचते हैं और उस दौरान अगर फव्वारे बंद रहें तो उससे निराशा ही हाथ ही लगती है।
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