रोहतक के ध्यानार्थ
पंचकूला में कंप्यूटर टीचरों और लैब सहायकों पर लाठी चार्ज
कंप्यूटर टीचरों और लैब सहायकों पर पुलिस ने हल्का बल के साथ तीन बार चलाया वाटर कैनन
- दो घायल, दोनों को पंचकूला के जनरल अस्पताल में करवाया गया दाखिल
- तीन बार पुलिस ने चलाया वाटर कैनन, दो बार किया लाठी चार्ज
- स्थायी पॉलिसी के तहत शिक्षा विभाग में समायोजित कर योग्यता अनुसार वेतनमान देने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
सोमवार को पंचकूला सेक्टर-पांच के धरना स्थल से अपनी मांग को लेकर शिक्षा सदन जा रहे कंप्यूटर टीचरों और लैब सहायकों को पुलिस ने हैफेड के पीछे बीच सड़क पर बैरिकेट्स लगाकर रोक लिया। जब शिक्षकों और लैब सहायकों ने विरोध किया तो पुलिस ने शिक्षकों पर पहले वाटर कैनन चलाया, जब शिक्षक नहीं माने तो हल्का बल का प्रयोग करना पड़ा। पुलिस द्वारा लाठीचार्ज में दो शिक्षक घायल हो गए। घायल शिक्षकों में यमुनानगर की रजिया और फतेहाबाद के शेर सिंह व कंप्यूटर लैब सहायकों के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र शामिल हैं। इन तीनों को पंचकूला के जनरल अस्पताल की इमरजेंसी में दाखिल करवाया गया है। बता दें कि अपनी मांग को लेकर डटे कंप्यूटर शिक्षकों और लैब सहायकों पर पुलिस द्वारा दो बार हल्का बल का प्रयोग किया गया और तीन बार इन पर पुलिस ने वाटर कैनन चलाया। घायल तीनों शिक्षकों को अंदरूनी चोटें भी आईं हैं।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मिलने के बाद सकारात्मक जवाब नहीं मिलने के बाद दोपहर से लेकर शाम छह बजे तक कंप्यूटर शिक्षक और लैब सहायक अपनी मांग को लेकर हैफेड के पास डटे रहे। आखिरकार शाम करीब छह बजे शिक्षकों के एक छह सदस्यीय डेलीगेशन को प्रशासन द्वारा सीएम से मिलवाने के लिए भेजा गया।
बार-बार नौकरी से हटाने से शिक्षकों में गहरा रोष:
प्रदेश के कंप्यूटर टीचर्स और लैब सहायक अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर से सड़कों पर आए हैं। गौरतलब है कि प्रदेश में राजकीय स्कूलों में तकनीकी शिक्षा देने के लिए अनुबंध के आधार पर लगे कंप्यूटर शिक्षकों का अनुबंध 31 मई को समाप्त हो रहा है, ऐसे में प्रदेश भर में करीब पांच कंप्यूटर शिक्षक और लैब सहायक एक बार फिर से अपनी नौकरी गंवाने वाले हैं। सरकार द्वारा इन शिक्षकों का अनुबंध बढ़ाने को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। कंप्यूटर टीचर्स और लैब सहायकों के लगातार आठ महीने के आंदोलन के बाद सितंबर 2015 में सरकार ने इन शिक्षकों को अनुबंध के आधार पर कभी दो महीने के लिए तो कभी तीन महीने के लिए नियुक्ति देती है बार-बार नौकरी से हटा दिए जाने से शिक्षकों में गहरा रोष है, साथ ही सरकार ने इन शिक्षकों को हटाकर नए शिक्षक लगाने के लिए मार्च 2016 में 3336 पदों के लिए नई भर्ती भी जारी कर दी थी मगर हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया को रोकते हुए सरकार को नियमित भर्ती तक शिक्षकों की सेवाएं जारी रखने के निर्देश दिए थे।
क्या हैं मुुख्य मांगें
- चयन प्रक्रिया, योग्यता और अनुभव के आधार पर शिक्षा विभाग में स्थायी पॉलिसी के तहत समायोजित कर योग्यता अनुसार वेतन मिले।
- कार्यरत कंप्यूटर शिक्षकों की सेवा अवधि टुकड़ों में ना बढ़ाकर स्थायी पॉलिसी के तहत सेवाएं स्थायी की जाएं।
- कंप्यूटर विषय को एक नियमित विषय के रूप में लागू किया जाए व कंप्यूटर विषय की किताबें उपलब्ध करवाई जाएं
- एक जिले से दूसरे जिले में शादीशुदा महिला टीचर्स व अन्य टीचर्स को स्थानांतरण कर नजदीक स्कूल में कंप्यूटर शिक्षकों और लैब सहायकों को समायोजित किया जाए।
- कंप्यूटर शिक्षकों गर्मियों, सर्दियों की छुट्टियों का व महिला शिक्षकों को मातृत्व अवकाश का वेतन दिया जाए।