रिटायरमेंट के बाद मरीजों को सेवाएं देने वाले डॉक्टरों को वेतन का इंतजार
करीब सात महीनों से नहीं मिला वेतन
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
डॉक्टरों के रिटायरमेंट की आयु सीमा बढ़ाकर 65 करने पर पिछले साल ज्वाइन करने वाले नौ डॉक्टरों को अभी भी तनख्वाह का इंतजार है। रिटायर्ड डॉक्टरों को क्लीनिक ड्यूटी पर लगाया गया, ताकि उनके अनुभवों का मरीजों को फायदा मिल सके। साथ ही डॉक्टरों की कमी के कारण होने वाली समस्याएं भी दूर हो सकें। लेकिन नौ डॉक्टरों की तनख्वाह का पिछले करीब सात महीने से वेतन का भुगतान नहीं करने की वजह से उनकी परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। इतना ही नहीं, रिटायरमेंट बेनिफिट भी न मिलने की वजह से आम लोगों को सेवाएं दे रहे डॉक्टरों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। पिछले साल जुलाई में सरकार ने सुपर न्यूमररी पोस्ट को मंजूर करते हुए उन डॉक्टरों की सेवाएं बढ़ाते हुए रिटायरमेंट की आयु सीमा का लाभ दिया, जिन्हें क्लीनिकल अनुभव हैं। बावजूद इसके महीनों से वेतन व अन्य लाभ न मिलने से उन्हें भविष्य की चिंता सताने लगी है। नौ डॉक्टरों में डॉ. विवेक शील मल्होत्रा, एमएल कामरा, अमरजीत सिंह, डॉ. ईश्वर सिंह पूनिया, डॉ. मधु शर्मा, डॉ. राजीव दोसाझ, डॉ. राजीव वढेरा के नाम भी शामिल हैं।