जमीन विवाद मामले में फिलहाल वकील के खिलाफ नहीं सुबूत, जांच जारी
- हड़ताल के दौरान वकीलों ने रखा वर्क सस्पेंड
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
जमीन को लेकर चल रहे विवाद में फिलहाल डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के वकील एसके गर्ग नरवाना के खिलाफ शुरुआती जांच में फिलहाल कोई सुबूत नहीं मिला है। पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट सहित पंचकूला के वकीलों की सोमवार को इसी मामले में वकील के समर्थन में की गई। हड़ताल के बाद पुलिस आयुक्त ने डीसीपी को पत्र में जानकारी दी है कि वकील एसके गर्ग नरवाना के खिलाफ फिलहाल सबूत नहीं है, लेकिन जांच जारी रहेगी। अगर जांच के दौरान कोई सबूत मिलता है तो पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के प्रधान को पहले इसकी जानकारी देने के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी।
दो दिन पहले पुलिस ने सेक्टर-पांच थाना में किशनपुरा में करोड़ों की जमीन विवाद के मामले में वकील समेत 40 आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 465, 506, 467, 468, 471, 383, 120बी के तहत मामला दर्ज किया था।
पंचकूला बार एसोसिएशन के प्रधान संदीप लौरा के नेतृत्व में सोमवार को वकीलों ने पंचकूला में वर्क सस्पेंड रखा। संदीप लौरा एवं उदित मेहंदीरत्ता ने जिला अदालत के सभी जजों के पास जाकर पूरे प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया कि एक एडवोकेट पर पुलिस की ओर से झूठा मामला दर्ज किए जाने की वजह से हड़ताल की गई है।
कई बार बेची गई जमीन
चंडीगढ़ कालोनाइजर के एमडी अजयवीर सहगल की शिकायत पर पंचकूला पुलिस ने 40 लोगों पर मामला दर्ज किया था। इसमें एसके गर्ग नरवाना, जीरकपुर नगर परिषद के प्रधान कुलविंद्र सोही सहित अन्य लोगों के भी नाम थे। जीरकपुर के किशनपुरा में 50 बीघा जमीन को लेकर यह विवाद शुरू हुआ। इस जमीन को रमनदीप सिंह, इंद्रजीत सिंह और उजागर ने लिया था। बाद में योगेश और इंद्रजीत के नाम पर इस जमीन जीपीए करवाई गई और फिर भूपिन्दर की जीपीए करवा दी गई। भूपिन्दर ने यह जमीन को गुरबचन और जतिन्दर को बेच दिया। लेकिन इसे करमजीत सिंह के जरिये मदनपाल को 39 बीघा जमीन जीपीए पर बेच दिया गया। इसके बाद मदनपाल ने इस जमीन को शिकायतकर्ता अजयवीर सहगल को बेच दिया था। यह जमीन कई जगह बिकी और मामला अदालत में विचाराधीन होने के बावजूद इस विवाद की जानकारी नहीं दी गई।