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-साहित्य में योगदान के लिए पंचकूला के बीडी कालिया हमदम को मिला अवार्ड

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‘हमदम’ को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड
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- साहित्य में योगदान के लिए पंचकूला के बीडी कालिया ‘हमदम’ को मिला अवार्ड
- मूलरूप से तरनतारन जिला अमृतसर पंजाब के रहने वाले है ‘हमदम’
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
पंचकूला के जाने माने साहित्यकार, गजलकार अहसास अदबी सोसाइटी के अध्यक्ष और शायर बीडी कालिया ‘हमदम’ को साहित्य में योगदान के लिए आजीवन उपलब्धि पुरस्कार के खिताब नवाजा जाएगा। ‘हमदम’ ने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग हरियाणा-चंडीगढ़ की ओर से पचास हजार रुपये का पहला नकद पुरस्कार 26 फरवरी को सुबह 11 बजे यमुनानगर स्थित पंचायत भवन में दिया जाएगा। हमदम मूलरूप से तरनतारन जिला अमृतसर पंजाब के रहने वाले हैं। वह अपर निदेशक पंचायत, हरियाणा से सेवानिवृत हैं। बता दें कि ‘हमदम’ साहित्य प्रेमियों, जिज्ञासुओें, कवियों, शायरों को साहित्य और काव्य की सभी विधाओं में मार्गदर्शन देते हैं।

ये मिले पुरस्कार
- 1982 में ‘किस नाम से पुकारूं’ उपन्यास पर उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी लखनऊ द्वारा पुरस्कृत।
- 1994 में ‘रिश्ते सागर पर’ के हिंदी में यात्रा संस्मरण का एक अध्याय गुरु नानक देव विश्व विद्यालय अमृतसर के पाठयक्रम में शामिल किया।
- 2004 में ‘खुशबू-खुशबू’ उपन्यास पर पंजाब भाषा विभाग की ओर से सुदर्शन पुरस्कार।
- 2006 में महराब-ए-फ़न उर्दू में को हरियाणा वक्फ़ बोर्ड ने प्रकाशित किया और हरियाणा उर्दू अकादमी ने पुरस्कार दिया।

सम्मान
- हरियाणा उर्दू अकादमी की ओर से ख्वाजा अहमद अब्बास अवार्ड से सम्मानित।
- हरियाणा वक्फ़ बोर्ड की ओर से ख्वाजा अल्ताफ हुसैन हाली अवार्ड से सम्मानित।
- जनगणना के लिए- राष्ट्रपति रजत पदक।
- हरियाणा उर्दू अकादमी द्वारा वर्ष 2013-14 के हाली अवार्ड से सम्मानित।
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