फर्स्ट इंडो-बांग्लादेश एथलेटिक मीट में जीते दो सिल्वर मेडल
- 14 से 16 फरवरी तक दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित हुई थी एथलेटिक मीट
- स्पोर्ट्स मीट में देशभर से करीब 22 राज्यों के खिलाड़ी हिस्सा लेने पहुंचे थे
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
अगर कुछ कर गुजरने की चाह दिन में हो तो उम्र भी मायने नहीं रखती। इसे साबित कर दिखाया है पंचकूला सेक्टर-21 निवासी राखी शर्मा ने। महज दो साल के खेल कैरियर में राखी ने राज्य, नेशनल व इंटरनेशनल स्तर पर मेडल जीत चुकी हैं। अभी हाल ही में 14 से 16 फरवरी तक दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित फर्स्ट इंडो-बांग्लादेश एथलेटिक मीट में राखी ने दो सिल्वर पदक जीते हैं। राखी ने बताया कि इस स्पोर्ट्स मीट में देशभर से करीब 22 राज्यों के खिलाड़ी हिस्सा लेने पहुंचे थे।
रोजाना छह घंटे स्पोर्ट्स की ट्रेनिंग:
36 वर्षीय राखी शर्मा ने बताया कि स्कूल टाइम में वह जूडो की नेशनल स्तर की खिलाड़ी रह चुकी हैं। शादी के बाद वह स्पोर्ट्स से बिल्कुल अलग हो गईं थीं। राखी ने बताया कि फिटनेस को लेकर वह खेल से जुड़ी। अब वह पहले की तरह एक अच्छा स्पोर्ट्स पर्सन बनना चाहती हैं। राखी बताती हैं कि इस काम में उनके पति पवन शर्मा पूरी मदद करते हैं। क्योंकि वह ताईक्वांडो मेंनेशनल स्तर पर एक अच्छी प्लेयर रह चुकी हैं।
राखी के कोच अरविंद ने बताया कि रोजाना सुबह और शाम छह घंटे रनिंग की प्रैक्टिस करती हैैं। कोच ने बताया कि पहले राखी 800 मीटर की रेस में हिस्सा लेती थीं, लेकिन अब वह 200 और 400 मीटर की रेस में हिस्सा लेने लगी हैं।
महज दो साल के खेल कैरियर में, एक दर्जन से ज्यादा पदक
- जिला स्तर पर आयोजित मास्टर एथलेटिक मीट में छह स्वर्ण पदक।
- नेशनल स्तर आयोजित मास्टर एथलेटिक मीट में तीन गोल्ड और चार सिल्वर पदक।
- मेडल दो और चार सौ मीटर रेस में सिल्वर पदक।
- इंटरनेशनल स्तर पर आयोजित मास्टर एथलेटिक मीट में दो स्वर्ण पदक।