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पद्मावत के प्रदर्शन को लेकर खौफजदा हुए थियेटर मालिक

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थियेटरों में फिल्म के पोस्टर नहीं, ‘वि आर नॉट प्लेइंग पद्मावत’ के लगे नोटिस
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- पद्मावत के प्रदर्शन को लेकर खौफजदा थियेटर मालिक
- धारा-144 लागू होने पर वापस भेजा विरोध प्रदर्शन करने वालों को

अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
रिलीज के चंद घंटे पहले फिल्म के पोस्टर तो चस्पा नहीं हो सकें, लेकिन एक थियेटर के बाहर यह लिखकर जरूर चिपका दिया गया कि ‘वि आर नॉट प्लेइंग पद्मावत’। फिल्म के रिलीज होने से पहले टिकट काउंटर पर लिखे इस संदेश से यह साफ हो जाता है कि विरोध के तेवर को देखते हुए मल्टीप्लेक्स और थियेटर मालिक कोई भी अनहोनी नहीं चाहते हैं।
फिल्म के रिलीज होने से एक दिन पहले पंचकूला के आसपास के क्षेत्रों से राजपूत समाज के लोग इकट्ठे होकर विरोध दर्ज कराने की तैयारियां कर चुके थे। लेकिन राजपूताना विरासत जागृति मंच के सदस्यों को जब पुलिस ने धारा-144 लागू होने की जानकारी दी तो मंच के सदस्यों ने बरवाला, रायपुररानी, मोरनी, पिंजौर सहित पंजाब से इस फिल्म को लेकर विरोध दर्ज कराने वालों को पंचकूला पहुंचने से मना कर दिया। इसके बाद सेक्टर-पांच में एसीपी मुकेश मल्होत्रा और एसएचओ कर्मवीर के साथ प्रतिनिधियों की बातचीत हुई। हालांकि, फिल्म पद्मावत के प्रदर्शन से पहले विरोध की आशंका को देखते हुए पंचकूला के सभी थियेटरों सहित अमरावती के थियेटर के बाहर भी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती कर दी गई है।
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धारा-144 लागू होने पर पंचकूला आने से सदस्यों को रोका
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के प्रदेश महासचिव बहादुर सिंह ककराली ने कहा कि फिल्म पद्मावत को प्रदर्शित न करने की सिनेमाघर मालिकों से अपील की गई। पुलिस ने जब धारा-144 लागू होने की बात कही तो इसका समर्थन करते हुए सभी सदस्यों को पंचकूला पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि समाज का कोई भी सदस्य किसी भी तरह से माहौल बिगाड़ने के पक्ष में नहीं है। फिल्म पद्मावत की रिलीज के एक दिन पहले सुबह करीब 11 बजे मंच के सदस्य सेक्टर-पांच स्थित बस अड्डे के पास एकत्रित हुए। इस मौके पर मंच के राष्ट्र्ीय अध्यक्ष भूम सिंह राणा, राजपूत नेता उदय सिंह राठौर, जितेंद्र राणा, राकेश चौहान, रवि ठाकुर, अरुण राघव और मीडिया प्रभारी विमल सिंह पहुंचे। पंचकूला के सभी ब्लॉक और गांवों से राजपूत समुदाय के लोगों को यहां बुलाया गया था, लेकिन पुलिस की ओर से जब धारा-144 लागू होने का हवाला दिया गया तो तत्काल सभी को पंचकूला आने से रोक दिया गया।

350 अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की तैनाती
सेक्टर-पांच थाने के एसएचओ करमवीर सिंह, सेक्टर-10 चौकी प्रभारी सुखविंदर सिंह सहित पुलिस बल की तैनाती पहले ही कर दी गई थी। इस मौके पर मंच के राष्ट्र्ीय अध्यक्ष और मीडिया प्रभारी ने थाना प्रभारी से कहा कि वह सिनेमा घर मालिकों से निवेदन कर, इसके प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग करना चाहते हैं। इसके बाद मंच के प्रतिनिधियों की मुलाकात एसीपी मुकेश मल्होत्रा से हुई, जहां बातचीत के बाद उन्होंने थियेटर मालिकों से फिल्म का प्रदर्शन न करने का आग्रह किया। हालात को काबू करने के लिए करीब 350 अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की अलग-अलग जगहों पर तैनाती कर दी गई। शाम के वक्त भी सभी मार्केट, थियेटर के बाहर पुलिस की गाड़ियां तैनात रहीं।
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भाजपा ने दिखाया दोहरा चरित्र
मंच के राष्ट्र्ीय अध्यक्ष ने संवाददाताओं से कहा कि फिल्म में इतिहास से छेड़छाड़ की गई है। इससे हमारी आन-बान और शान को ठेस पहुंच रही है। इसी वजह से फिल्म के प्रदर्शन न करने की अपील की जा रही है। सिनेमाघर संचालकों से मुलाकात कर सदस्यों ने फिल्म न लगाने का आग्रह किया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद फिल्म के प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा चुके हैं। मंच के राष्ट्र्ीय अध्यक्ष ने कहा कि अभी तक तो प्रदेश में सब कुछ शांत है, लेकिन अगर हालात बदले तो प्रदेश सरकार इसके लिए जिम्मेवार होगी। भाजपा ने पूरे प्रकरण में अपना दोहरा चरित्र दिखाया है। भाजपा की 16 राज्यों में सरकार है, लेकिन फिल्म पद्मावत केवल चार प्रदेशों में ही प्रतिबंधित है। उधर, एसीपी मुकेश मल्होत्रा ने कहा कि हालात पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसे किसी भी हालत में बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। राजहंस और केसी थियेटर में मंच के सदस्यों ने जाकर उन्हें फिल्म का प्रदर्शन न करने का आग्रह किया।
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