स्वच्छता अभियान के आड़े आ रही झुग्गियां, शहर कैसे होगा स्लम फ्री
पंचकूला में सेक्टरों के इर्द-गिर्द बनी हुई है 4500 से अधिक झुग्गियां
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
स्वच्छता सर्वेक्षण की शुरुआत के बावजूद अलग-अलग सेक्टरों में बनी झुग्गियां शहर की स्वच्छता को धूमिल कर रही है। शहर को स्लम फ्री बनाने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से अभियान भी चलाए गए थे, लेकिन इसमें आई सुस्ती से स्वच्छता अभियान पर धब्बा लग सकता है। शहर की सड़कों के आसपास अभी भी गंदगी फैलाने से लोग गुरेज नहीं कर रहे हैं, नतीजतन नगर निगम की तमाम कोशिशों के बावजूद सर्वेक्षण को लेकर अगर सभी गंभीर नहीं हुए तो सर्वेक्षण में पंचकूला को आगे ले जाना मुश्किल होगा।
सेक्टर-14, 15, 10, 5 सहित अन्य सेक्टरों में भी जगह-जगह पर झुग्गियां बनी हुई हैं। प्राधिकरण की ओर से कई बार इन्हें हटाया भी गया, लेकिन उनके लिए कोई वैकल्पिक इंतजाम नहीं होने से दोबारा झुग्गियां बनाकर लोग धड़ल्ले से रह रहे हैं। पंचकूला में फिलहाल 4500 से अधिक झुग्गियां हैं, लेकिन कॉलोनियों के अलावा सेक्टरों में भी झुग्गियां बनाए जाने से रेजीडेंट्स की भी परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। डिप्टी मेयर सुनील तलवार का कहना है कि झुग्गियों की समस्या की शिकायत प्राधिकरण से करने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है।
सेक्टर-नौ और आठ की डिवाइडिंग रोड पर फुटपाथ के पास ग्रीन बेल्ट में कचरे का ढेर तो स्वच्छता अभियान के लिहाज से निगम की ओर से तमाम सेक्टरों में सफाई व्यवस्था को दुरस्त किया जा रहा है। लेकिन सेक्टर-15 के एक घर के बाहर फैले हुए कचरे को देखकर इसका अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोगों को इस अभियान के प्रति और अधिक जागरूक करना जरूरी है।
हालांकि निगम के कमिश्नर राजेश जोगपाल का कहना है कि सर्वेक्षण के लिए टीम के पहुंचने से पहले पांच जनवरी से शहर के सभी क्षेत्रों में टीमें मुआयना कर, कमियों को दूर करेंगे। इससे पहले ही एप के जरिये समस्याओं से संबंधित शिकायतों को दूर करने में निगम की टीम जुटी हुई है।
दूसरे विभागों का नहीं मिल रहा सहयोग
स्वच्छता अभियान को लेकर फिलहाल नगर निगम की टीमें जितनी गंभीर नजर आ रही है, दूसरा विभाग नहीं। अन्य विभागों का इसमें सहयोग पूरी तरह से नहीं मिलने की वजह से नगर निगम की कोशिशों के बावजूद अभियान में पंचकूला की रेकिंग को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी हैं। उपायुक्त गौरी पराशर जोशी का कहना है कि स्वच्छता के लिहाज से सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि इस दिशा में प्रयास करें। नगर निगम के साथ-साथ अन्य विभागों सहित तमाम दफ्तरों की भी साफ-सफाई के लिए माकूल इंतजाम रखने के निर्देश दिए गए हैं। सर्वेक्षण के बाद भी यह सिलसिला जारी रहेगा ताकि पंचकूला का नाम स्वच्छता के लिहाज से अग्रणी हो।
पशुओं पर भी नहीं कसा शिकंजा
स्वच्छता अभियान के दौरान कभी भी सड़कों पर घूमते आवारा पशुओं को देखा जा सकता है। धुंध के कारण हादसों की भी आशंका बढ़ गई है, बावजूद इसके अब तक पशुओं को पकड़ने के लिए कोई माकूल इंतजाम नहीं किया जा सका है। कई जगहों पर आवारा पशु कचरे के ढेर में मुंह मारते रहते हैं, जिससे आसपास गंदगी होती है।