पद्मावती के विरोध में प्रदर्शन, 26 को एसडीएम को सौंपेंगे ज्ञापन
पिंजौर। फिल्म निर्माता और निर्देशक लीला भंसाली ने रानी पद्मावती के त्याग व बलिदान के ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ कर न केवल राजपूत समाज का अपमान किया है, बल्कि यह संविधान द्वारा संरक्षित अधिकारों का भी हनन है। यह बात फिल्म विरोध में पिंजौर-कालका के राजपूत समाज के लोगों ने कही। शहर की रत्तपुर कालोनी स्थित दुर्गा मंदिर में इस संबंध में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में शामिल वाइस चेयरमैन बलवान ठाकुर, महासचिव प्रेमपाल सिंह, प्रधान महावीर राणा, एमके शिशौदिया, भाग सिंह बाढ़, नराता राम जबरोट, हरभजन सिंह खेड़ावाली, दर्शन सिंह कंडियाला, शिव कुमार डोलां, प्रीतम सिंह भींवर ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मिति से निर्णय लिया गया है कि राजपूत समाज फिल्म के विरोध में 26 नवंबर को एसडीएम कालका रिचा राठी को ज्ञापन सौंपेगा। इसके माध्यम से फिल्म पद्मावती के प्रदर्शन पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने की मांग की जाएगी। पिंजौर-कालका का राजपूत समाज एक रैली के रूप में कालका पहुंचेगा, जिसमें पिंजौर कालका के दून और रायतन क्षेत्र से राजपूत समाज के लोग शामिल होंगे। राजपूत समाज के लोगों ने बैठक में कहा कि राजपूत समाज की परंपरा, संस्कृति और इतिहास से छेड़छाड़ या अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।