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धान के अवशेष व पराली जलाने पर किसानों पर केस बनाने व जुर्माना लगाने का किसान यूनियन ने किया विरोध।

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पराली काटने की मशीन उपलब्ध कराए सरकार
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भाकियू की बैठक में सरकार को चेताया, केस दर्ज या जुर्माना किया तो आंदोलन
अमर उजाला ब्यूरो
बरवाला।
भारतीय किसान यूनियन की बैठक जिला प्रधान नरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को बरवाला अनाज मंडी में हुई। इसमें पंचकूला व अंबाला के किसानों ने बढ़कर भाग लिया। मीटिंग को प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने संबोधित किया और लोगों की समस्याएं सुनते हुए सरकार व प्रशासन को चेताया कि किसानों को फसल के बाद अवशेष व पराली जलाने का कोई शौक नहीं है, बल्कि उनकी मजबूरी है। क्योंकि बिना पराली व अवशेष जलाए खेत में आलू सहित अन्य फसलों की बिजाई नहीं हो सकती। लेकिन सरकार ने विकल्प के तौर पर अभी तक अवशेष काटने वाली और पराली के बंडल बनाने की मशीन भी उपलब्ध नहीं कराई है। उन्होंने कहा कि अगर किसान फसल के अवशेष व पराली नहीं जलाता तो किसान को खेत तैयार करने में दो गुणा खर्चा करना पड़ता है। जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान भुगतना पड़ रहा है। प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह ने सरकार को चेताया कि अगर फसल के अवशेष जलाने पर किसानों पर केस दर्ज किया या जुर्माना लगाया तो भारतीय किसान यूनियन सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। इस दौरान यूनियन ने एक ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार रायपुररानी दिनेश कुमार को सौंपा और किसानों की समस्याओं से अवगत करवाया। इस अवसर पर किसान यूनियन के हलका प्रधान गोपाल राणा खटौली, किसान अमरजीत, अमरीक सिंह व भोला सिंह नयागांव, सुरजीत सिंह, रामकुमार, जसमेर सिंह, सुखदर्शन सिंह टोडा, रघुबीर सिंह भरैली, रामकरण, बेअंत सिंह व सुभाष राणा बरवाला सहित काफी संख्या में किसान मौजूद थे।
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