यात्रीगण ध्यान दें : कहीं बीमार न कर दे चंडीगढ़ स्टेशन का पानी
शुक्रवार को सर्विस इम्प्रूवमेंट ग्रुप की जांच में क्लोरीन की मात्रा मिली अधिक
दिसंबर में जांच के दौरान रेलवे स्टेशन के पानी के सैंपल फेल हुआ था
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के पेयजल से कहीं यात्री बीमार न हो जाएं। यहां के पेयजल से आपके बाल न झड़ने लगें। क्योंकि यहां के पानी में क्लोरीन की मात्रा अधिक पाई गई है। क्लोरीन पानी के कोलीफार्म बैक्टीरिया को नष्ट करता है, लेकिन उसका अधिक इस्तेमाल सेहत के लिए नुकसानदेह भी है। इसका खुलासा शुक्रवार को दिल्ली से आई सर्विस इम्प्रूवमेंट ग्रुप टीम की जांच में हुआ है। इस दौरान टीम ने स्थानीय अधिकारियों को आदेश दिया की पेयजल में क्लोरीन की मात्रा बराबर होनी चाहिए। साथ ही रेलवे स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्य का भी जायजा लिया।
बता दें कि चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के पेयजल पर कई बार सवाल उठ चुके हैं। दिसंबर 2016 में भी जांच के दौरान स्टेशन के पानी का सैंपल फेल हो गया था। उस समय जैसे ही टीम ने स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 3 और 4 का वॉश बेसिन की हालत देख पानी का सैंपल भरा तो पीएच वैल्यू .5 के बजाय शून्य आई थी।
शुक्रवार को स्टेशन सर्विस इम्प्रूवमेंट ग्रुप के सीसीएम चीफ कामर्शियल मैनेजर ओम प्रकाश के नेतृत्व में 4 सदस्यीय टीम ने चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं की जांच की। इस दौरान प्लेटफार्म नंबर-1 पर पार्सल के आगे लगे नल के पानी का सैंपल चेक किया तो पता चला की इसमें क्लोरीन की मात्रा अधिक हैं। जब इसका जवाब सीसीएम ने मांगा तो अधिकारी बचने के लिए अपना-अपना तर्क देते नजर आए। हालांकि इसके बाद मेडिकल हेल्थ अफसर ने प्लेटफार्म नंबर दो पर लगे नल के पानी का भी सैंपल चेक किया। जहां क्लोरीन की मात्रा सामान्य पाई गई।
पानी जैसे बेसिक नीड पर बार बार लापरवाही क्यों
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर वन पर पानी के सैंपल में क्लोरीन की मात्रा ज्यादा पाई गई है। जहां से चंडीगढ़ की वीवीआईपी ट्रेनें शताब्दी और जन शताब्दी दूसरे स्टेशनों के लिए प्रस्थान करती हैं। इस प्लेटफार्म से सैकड़ों यात्रियों का आवागमन होता है। ऐसे में बार-बार लापरवाही गंभीर विषय है। इस पर अब तक कोई भी बड़ी कार्रवाई नहीं हुई। इससे बड़े अफसरों की कार्यप्रणाली भी संदिग्ध मानी जा रही है।
निर्देशों पर कार्रवाई नहीं होती
स्टेशन इम्प्रूवमेंट ग्रुप टीम ने सबसे पहले वीआईपी एग्जीक्यूटिव लाउंज की चेकिंग की। लाउंज में घुसते ही गर्मी के चलते सबके पसीने छूट गए। तुरंत टीम ने स्टेशन अधिकारियों को आदेश दिया की एग्जीक्यूटिव लाउंज के एसी को बदल दिया जाए। ताकि यात्रियों को पूरी कूलिंग मिल सके। बता दें कि इससे पहले भी दो अगस्त को पीएसी सदस्य डॉ. अशोक ने रेलवे स्टेशन की चेंकिंग के दौरान कहा था कि एग्जीक्यूटिव लाउंज में एक टन के एसी से काम नहीं चलेगा। इसके लिए दो से चार टन का एसी लगाएं। लेकिन एक माह बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि रेलवे के अधिकारी कितने लापरवाह हैं।
ट्रेनों के टाइम टेबल को साफ करने का आदेश
यात्रियों की सुविधा व जानकारी के लिए रेलवे ने वेटिंग हॉल में ट्रेनों का टाइम टेबल लगाया है। इस टाइम टेबल बोर्ड पर धूल व गंदगी इतनी अधिक हैं कि सीसीएम ओम प्रकाश ने देखकर अधिकारियों को नया टाइम टेबल लगाने का आदेश दे दिया। उन्होंने कहा कि जब तक टाइम टेबल का नया बोर्ड नहीं लगता, तब तक इसे रोजाना साफ कराएं। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन की सूची में शामिल है। इसलिए हर पहलुओं पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने बच्चों के देखभाल के लिए बने बेबी केयर रूम का भी जायजा लिया।
खाने के क्वालिटी जांची
रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 पर यात्रियों की सुविधा के लिए बनाई कैंटीन में खाना खा रहे यात्रियों से खाने की क्वालटी के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। साथ ही उन्होंने कैंटीन के किचन को भी चेक किया। कैंटीन के पानी का भी सैंपल भरा, जो सही पाया गया। हालांकि कैंटीन में जगह के अभाव को लेकर अधिकारियों ने काफी देर तक चर्चा की। अधिकारियों का कहना था कि कैंटीन के लिए जगह काफी कम है। इसे बढ़ाने पर विचार किया जाना चाहिए।
टूटे फुटपाथ को सही कराने का दिया निर्देश
रेलवे स्टेशन के पंचकूला की तरफ रुख किया तो प्रवेश व निकासी द्वार पर टूटे हुए फुटपाथ को ठीक करने के लिए कहा। साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए बनाई जा रही लिपट व एस्केलेटर सीढ़ियों का निर्माण कब तक पूरा होगा इस बारे में भी इंजीनियर अधिकारियों से पूछताछ की।