हमारे पास अलाउद्दीन का चिराग नहीं कि आपको रोजगार दे दें
खुले दरबार में सरकार की रोजगार योजनाओं पर जिप कार्यकारी अधिकारी का करारा जवाब
एक बेबस युवक ने रोजगार की समस्या रखी थी एसडीएम के सामने
गुरदीप सैनी
बरवाला।
जिला प्रशासन की ओर से बुधवार को बरवाला खंड के गांव भरैली में एक खुला दरबार उपमंडल अधिकारी (ना.) पंचकूला पंकज सेतिया की अध्यक्षता में लगाया गया। इस खुले दरबार के दौरान एक युवक जब अपनी रोजगार संबंधी समस्या को लेकर पहुंचा तो वहां मौजूद जिला परिषद के कार्यकारी अधिकारी राजीव प्रसाद ने उसे फटाक से जवाब दिया कि हमारे पास कोई अलाउद्दीन का चिराग और जादुई छड़ी नहीं है कि हम इस आपको रोजगार दे दें। इससे यह प्रतीत होता है कि सरकार की जनता के लिए चलाई जा रही रोजगार योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पा रहा।
अधिकारियों को निर्देश देकर की इतिश्री
खुले दरबार में एसडीएम पंकज सेतिया के सामने ग्रामीणों ने कई समस्याएं रखीं। जिनमें गांव में पशु चिकित्सालय, राजपूत धर्मशाला, ठोस कचरा प्रबंधन शेड, नए बीपीएल कार्ड, कश्यप धर्मशाला का निर्माण शामिल हैं। इस पर एसडीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। इस दौरान कई विभागों व बैंकों के अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने स्टाल लगाकर अपने-अपने विभागों की योजनाओं की जानकारी प्रदान की। इस मौके पर गांव के युवाओं ने उनके सामने ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की मांग भी रखी। इस पर उन्होंने गांव के युवाओं से ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अपनी आयु व रिहायशी प्रमाण पत्र लेकर पंचकूला कार्यालय में आने को कहा। उन्होंने कहा पहले उनका लर्निंग लाइसेंस बनाया जाएगा, उसके बाद वे स्थाई लाइसेंस बना सकते हैं।
बीपीएल से संबंधित समस्याएं निपटाईं
एसडीएम पंकज सेतिया ने बीपीएल से संबंधित आई समस्याओं का निदान करते हुए कहा कि वे ग्राम सभा की बैठक में प्रस्ताव पास कर उनकी सूची भेजें, ताकि बीपीएल कार्ड सरकार की हिदायतों अनुसार बनाए जा सकें। इसी प्रकार उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी पात्र व्यक्तियों के प्रस्ताव पास किए, जिनके कच्चे मकान हैं। इस दौरान जिला परिषद के कार्यकारी अधिकारी राजीव प्रसाद ने खुले दरबार में विशेषकर महिलाओं को परामर्श देते हुए कहा कि प्रशासन की ओर से एक अगस्त से दो महीने का सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इच्छुक महिलाएं अपना आवेदन खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में पहुंचाएं।
ये समस्याएं प्रशासन नहीं सुलझा रहा
गली पक्की नहीं की, शौचालय निर्माण के लिए पैसे नहीं दिए
खुले दरबार में समस्या लेकर आए बंता राम ने बताया कि उनके घर तक की गली अब तक पक्की नहीं की गई। उन्हें कच्ची छतों का अब तक कोई पैसा नहीं मिली। ग्रामीण अशोक कुमार ने भी कहा कि उन्हें न तो कच्ची छत का पैसा मिला है और न ही शौचालय निर्माण के लिए कोई पैसा मिला है।
प्रशासन कुछ नहीं कर रहा, जानिए क्या है हकीकत
ग्रामीण महिला बलबीर कौर, सीतो देवी, कांता देवी, महिंद्र कौर ने भी कच्ची छतों के पैसे न मिलने, राशन कार्ड न बनाए जाने, बीपीएल में नाम न दर्ज करने सहित अन्य समस्याएं बताईं। गांव की एक बुजुर्ग महिला सीता देवी ने कहा कि वह एक दलित परिवार से हैं, अपना मकान नहीं है, किराए पर रहकर जीवन बिता रही हूं। गांव के प्राइमरी स्कूल में चौकीदार और पियन का कार्य करने वाले गुरमीत सिंह व सुरेश कुमार ने बताया कि वे 10 साल से इस स्कूल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन सिर्फ 1000 रुपये मानदेय मिल रहा है। जिससे उनके घर व परिवार का निर्वाह नहीं हो पा रहा। ऐसे में बड़ा सवाल है कि सरकार की योजनाओं का इन लोगों को अभी तक लाभ उन तक क्यों नहीं पहुंचा और उनकी समस्याएं कब प्रशासन के कानों तक पहुंचेंगी।