साइकिल यात्रा से बुराइयों के खिलाफ अलख
रिटायरमेंट के बाद दो साइकिल यात्राएं कर दे चुके हैं नशा मुक्ति व स्वच्छता का संदेश
अमर उजाला ब्यूरो
कालका। कहते हैं जब इंसान में कुछ कर गुजरने की इच्छा हो तो बाधाएं रास्ता नहीं रोक सकती। 63 वर्षीय कालका निवासी अशोक शर्मा ने। पीआरटीसी में कंडक्टर के पद पर सेवाएं दे चुके अशोक शर्मा 60 की आयु को पार करने के बाद भी 2015 मेें कालका से पंजाब के वाघा बॉर्डर की यात्रा कर युवाओं को नशा मुक्ति का संदेश दिया। 2016 में कालका से इंडिया गेट दिल्ली की यात्रा कर स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने का संदेश दे चुके हैं। शर्मा ने कहा कि स्वस्थ शरीर ही सबसे बड़ी नेमत है, इसलिए नशा से दूर रहना चाहिए।
13 बार कर चुके हैं रक्तदान
63 वर्ष की उम्र में भी पूरी तरह तंदरुस्त दिखने वाले अशोक शर्मा ने बताया कि वह अब तक 13 बार रक्तदान कर चुके हैं। 18 से 60 वर्ष के किसी स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान अवश्य करना चाहिए। कोई भी स्वस्थ व्यक्ति एक वर्ष में 4 बार रक्तदान कर सकता है। रक्तदान से शरीर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
बचपन से साइकिल चलाने का शौक
अशोक ने बताया कि उन्हें बचपन से ही साइकिल चलाने का शौक है। 1978 में राजपुरा पंजाब से वैष्णो देवी, 1979 में राजपुरा से ज्वालाजी, 1981 में राजपुरा से कांगड़ा की वह साइकिल यात्रा कर चुके हैं। 1983 में पीआरटीसी में कंडक्टर के पद पर तैनात होने के बाद यात्राओं का सिलसिला थम गया। 2012 में सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने फिर से यात्राएं करने की सोची। अब वह ऐतिहासिक स्थानों की यात्रा कर लोगों को सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूक करने का निर्णय किया। इसी उद्देश्य को लेकर उन्होंने वर्ष 2015 में कालका से बाघा बार्डर की यात्रा कर नशा मुक्ति का संदेश दिया, जबकि 2016 में कालका से इंडिया गेट दिल्ली तक की यात्रा कर स्वच्छ भारत को सफल बनाने का आह्वान किया। उनकी अगली साइकिल यात्रा 23 मार्च 2018 को कालका से हुसैनीवाला फिरोजपुर तक होगी।