‘सत्र के चार महीने बाद भी स्कूलों में नहीं मिली किताबें’
हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ-70 ने बैठक में लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
बरवाला।
हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ-70 की जिला पंचकूला की कार्यकारिणी की मीटिंग रामगढ़ धर्मशाला परिसर में प्रधान धर्मपाल गुप्ता की अध्यक्षता में हुई। यहां जारी एक बयान में संघ के जिला महासचिव भट्ट राजेश शर्मा ने बताया कि शिक्षा विभाग व हरियाणा सरकार का स्कूलों की ओर कोई ध्यान नहीं है। स्कूलों को मात्र एक प्रयोगशाला बना दिया है। इस सत्र के चार महीने पूरे होने पर भी पाठ्य पुस्तकें अब तक स्कूलों में नहीं पहुंची हैं। बिना पुस्तकों के अध्यापक विद्यार्थियों को कैसे पढ़ाएं। प्राथमिक स्कूलों से हैड टीचर के पद तो पहले ही समाप्त कर दिए थे, अब हाई स्कूलों व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों से भी एलीमेंटरी मुख्यध्यापकों के पद समाप्त कर दिए हैं। स्कूलों में अध्यापकों के पद रिक्त पड़े हैं और मिडल स्कूलों से हिंदी व गणित के पद समाप्त किए जा रहे हैं। इसके अलावा अध्यापकों पर गैर शैक्षणिक कार्यों का बोझ भी डाला जा रहा है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि स्कूलों में अध्यापकों के ट्रांसफर कर इधर-उधर भेजने से कोई लाभ नहीं होगा। जब तक स्कूलों में पूरी पुस्तकें नहीं पहुंचेेंगी और अध्यापकों से गैर शैक्षणिक कार्य बंद नहीं किए जाएंगे। जिला प्रधान धर्मपाल गुप्ता ने संघ की ओर से मांग की है कि स्कूलों में अध्यापकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए। 12 वर्षों से कार्यरत गेस्ट टीचरों को पक्का किया जाए। सभी प्राथमिक स्कूलों में हेड टीचर व सभी हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में पहले की भांति मुख्याध्यापकों के पदों को सृजित किया जाए। इस अवसर पर अध्यापक संघ के राज्य उप प्रधान कंवल विक्रम सिंह भट्टी, उप प्रधान विजय शर्मा, अजय सोफ्त, गुरदयाल शर्मा, सह सचिव मदन गोपाल व मोहन सिंह सहित अध्यापक संघ के कई पदाधिकारी मौजूद थे।