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पांच उपायुक्तों के प्रयास के बाद भी बरसाती पानी की समस्या का नहीं हुआ समाधान

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चार साल में पांच डीसी आए, सेक्टर-19 से पानी निकासी नहीं करा पाए
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बलटाना और जीरकपुर के भू-माफिया ने बंद किया नाला
पंचकूला के सेक्टर-19 में हर साल लोगों का लाखों का सामान होता है बर्बाद
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
पंचकूला में चार साल में पांच डीसी बदल गए, लेकिन सेक्टर 19 में पानी निकासी की समस्या जस की तस है। एक बार फिर पंचकूला की वर्तमान डीसी गौरी पराशर जोशी ने नगर निगम के अधिकारियों को पानी की निकासी के संबंध में सर्वे कर विकल्प तलाशने के निर्देश दिए हैं। पहले भी कई पूर्व डीसी ने संभावनाएं तलाशी, लेकिन नतीजा सिफर रहा। पंजाब के इलाके में लोगों ने ऐसा अवैध कब्जा किया कि नाला बंद हो गया। नतीजा सारा पानी सेक्टर वासियों के घरों में भर जाता है।
बता दें कि पंचकूला के सेक्टर-19 से यह कुदरती नाला निकलता था। नाला पंजाब के बलटाना व सेक्टर-19 के साथ-साथ एनएच-22 को पार कर घग्गर में गिरता था। बलटाना व जीरकपुर के भूमाफिया ने इस नाले पर कब्जा करना शुरू किया और पक्के मकान व बूथ बन गए। नाले की चौड़ाई घटती गई। आगे जाकर यह नाला सिर्फ एक छोटी से पाइप में तब्दील हो गया। अगर समय रहते इस पर ध्यान दिया जाता तो ऐसी समस्या न होती।
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यह नाला पंजाब-हरियाणा के बॉर्डर पर पड़ता है। इसकी निशानदेही स्पष्ट नहीं है। जब भी विवाद हल करने की कोशिश हाती है तो अधिकारी हाथ खींच लेते हैं। अगर जनप्रतिनिधियों व प्रशासन ने इस बारे में कदम नहीं उठाया तो यह परेशानी नहीं सुलझेगी। समस्या इतनी गंभीर है कि हल्की बरसात में ही सेक्टर-19 के लोगों की धड़कने बढ़ जाती हैं। शायद ही इस मौसम की ऐसी कोई रात गुजरी होगी, जिस रात यहां के लोग चैन से सो पाए हों। वजह है सेक्टर-19 से गुजर रहे नाले का बंद होना।

पूर्व डीसी विवेक अत्रेय ने भी प्रयास किया था
सेक्टर की पाइपलाइन पंजाब सीमा तक है, जिसकी चौड़ाई कम होने से बरसाती पानी सेक्टर में जमा रहता है। पाइपलाइन की चौड़ाई बढ़ाने को लेकर 2015 में पंचकूला के पूर्व डीसी विवेक अत्रेय ने मीटिंग की थी। जिसके बाद पाइपलाइन की मरम्मत करने का फैसला लिया गया। लेकिन इससे पहले ही उनका तबादला हो गया।

चार वर्षों में ये डीसी बदले
आशिमा बराड़, डॉ. एसएस फुलिया, विवेक अत्रेय, डॉ. गरिमा मित्तल, मनदीप सिंह बराड़

300 से ज्यादा घर प्रभावित
पानी की निकासी न होने से बरसात के दिनों में अक्सर 300 से अधिक घर प्रभावित होते हैं। ये घर सेक्टर के निचले इलाके पर स्थित हैं। इन घरों में हुडा के दो मरले के प्लॉट भी हैं।

2013 से लिख रहा हूं : रविकांत
पार्षद रविकांत स्वामी ने बताया कि 2013 से जिला प्रशासन और सरकार को पत्र लिख रहा हूं। लेकिन पानी की समस्या का समाधान आज तक नहीं हुआ। हर साल बरसात के बाद अधिकारियों को डीसी की ओर से निर्देश जरूर दिए जाते हैं, लेकिन बरसात के बाद मामला फिर ठंडा पड़ जाता है।
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इस तरह हो सकता है समाधान
पंजाब स्थित बलटाना और ममता एन्क्लेव के साइड बंद नाले को सही तरीके से खुलवाया जाए। क्योंकि सेक्टर 19 की तरफ नाला 100 फुट है और आगे पंजाब की तरफ एक से दो फुट रह जाता है। इस कारण बारिश के दौरान पानी इधर से तो फ्लो में जाता है लेकिन स्पेस न मिल पाने के कारण बैक होकर वापस आकर सेक्टर में लोगों के घरों में पानी घुस जाता है।
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