कर्मचारी बोले, वीआरएस से हम नुकसान में
केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय एवं एचएमटी प्रबंधक समिति के सामने रखीं मांगें
अमर उजाला ब्यूरो
पिंजौर।
हाईकोर्ट के आदेशानुसार केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय एवं एचएमटी प्रबंधक समिति ने दिल्ली में एचएमटी पिंजौर ट्रैक्टर प्लांट कर्मचारियों के साथ बैठक की। एचएमटी बचाओ संघर्ष समिति संरक्षक विजय बंसल ने शनिवार को बताया कि कर्मचारी समिति की ओर से रामबीर पंचाल, बलबीर सिंह गुरे, देविंद्र कुमार, बलबीर सिंह रेतगड़िया, समय सिंह चहल ने मांगें रखते हुए ज्ञापन दिया। कर्मियों के ज्ञापन की रिपोर्ट बनाकर प्रबंधक समिति ने केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय को भेजी है। ज्ञापन में ट्रैक्टर प्लांट के बचे लगभग 150 कर्मियों को वीआरएस एवं वीएसएस के तहत फैक्टरी से न निकालने की मांग करते हुए कहा कि उन्हें इस योजना से लाभ कम नुकसान ज्यादा होगा। इसलिए उन्हें कंपनी की अन्य यूनिटों में ऐडजस्ट किया जाए। बंसल ने बताया कि वीआरएस योजना उन कर्मियों के लिए ठीक है, जिनकी नौकरी 5 वर्ष से कम बची थी। जबकि उससे अधिक अवधि की बकाया नौकरी वालों को योजना का कोई लाभ नहीं है। इसलिए लगभग 200 कर्मियों ने वीआरएस योजना को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने गत 31 मई को केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय सचिव की अध्यक्षता में एचएमटी प्रबंधकों, श्रम विभाग अधिकारियों को कर्मियों से बैठक कर मामला सुलझाने के आदेश दिए थे। इसकी अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी। इसलिए केंद्र एवं एचएमटी प्रबंधक 28 जुलाई से पूर्व जवाब तैयार करने में जुटे हैं। सूत्रों के अनुसार इस विषय में कर्मियों, प्रबंधकों और केंद्र के अधिकारियों की दूसरी बैठक आगामी सप्ताह तक होने की संभावना है।