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Chandigarh News: हरियाणा में एनसीआर के जिलों में जब्त होंगे 15 और 10 साल पुराने वाहन

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चंडीगढ़। प्रदेश के एनसीआर के जिलों में अब 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल के वाहनों को इम्पाउंड (जब्त) किया जाएगा। हरियाणा के यातायात महानिरीक्षक ने इस संबंध में एसपी को लिखित में आदेश जारी किए हैं। 27 मार्च को जारी इन आदेशों को अब संबंधित जिलों के एसपी ने लागू करने के लिए थाना प्रभारियों और यातायात स्टाफ को सख्त निर्देश दिए हैं। इसके लिए जीटी रोड समेत अन्य राजमार्गों पर विशेष जांच अभियान चलाए जाएंगे और वाहनों को जब्त किया जाएगा। पुराने वाहनों को लेकर एनजीटी के आदेशों के बाद हरियाणा सरकार स्क्रैप पाॅलिसी भी जारी कर चुकी है। इसी के तहत 1 अप्रैल 2023 से इस नियम को लागू होना था, लेकिन सरकार ने पुराने वाहन चालकों को राहत दी थी और मौका दिया था कि वह अपने वाहनों को स्क्रैप करा लें। पिछले एक साल से पुराने वाहनों के खिलाफ पुलिस की ओर से कोई सख्त अभियान नहीं चलाया गया। दिल्ली एनसीआर में इस तरह की गाड़ियों पर पाबंदी है। हरियाणा के 14 जिले झज्जर, पलवल, सोनीपत, गुरुग्राम, पानीपत, रोहतक, मेवात, रेवाड़ी, भिवानी, महेंद्रगढ़, फरीदाबाद, करनाल, चरखी दादरी और जींद भी एनसीआर में आते हैं। अब यातायात महानिरीक्षक की ओर से पुराने वाहनों के संबंध में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
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राजमार्गों पर तैनात होगा चेकिंग स्टाफ
जीटी रोड पर रोजाना पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश से 80 हजार के करीब वाहन यहां से गुजरते हैं। हरियाणा समेत पांच राज्यों के वाहन मालिक अब हरियाणा में पानीपत से आगे अपने वाहनों को नहीं ले जा सकेंगे। आईजी के आदेशों के बाद पानीपत एसपी ने पुलिस की टीमें जीटी रोड पर बाबरपुर, सिवाह व समालखा के पास तैनात रहेंगी। इसके अलावा पानीपत- हरिद्वार, पानीपत- रोहतक व पानीपत- जींद राज्य मार्ग पर भी पुलिस की टीम तैनात रहेंगी। इन वाहनों को जब्त कर पुलिस थाने में लाया जाएगा। हरियाणा पुलिस जिले के ऐसे वाहनों के आंकडे जुटा रही है, जिनकी मियाद पूरी हो चुकी है। सरकार के पास रिपोर्ट पहुंची है कि काफी संख्या में एनसीआर के वाहन चालकों ने एनसीआर से बाहर के जिलों में गाड़ियों का पंजीकरण करा लिया है और वह लगातार एनसीआर के क्षेत्र में गाड़ियां चला रहे हैं। आईजी यातायात कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में सख्ती बरती जाएगी।

एनसीआर से बाहर के क्षेत्र में फिटनेस सर्टिफिकेट जरूरी
स्क्रैप पाॅलिसी के अनुसार, एनसीआर से बाहर के जिलों में 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल के वाहन संचालकों को ऐसे वाहनों को सड़कों पर दौड़ाने के लिए वाहन का फिटनेस सर्टिफिकेट लेना होगा। अगर वाहन फिट नहीं है तो वह एनसीआर के बाहर के क्षेत्र में भी नहीं चला सकेंगे। इसके साथ ही सरकार की तरफ से ग्रीन टैक्स का प्रावधान भी किया गया है, जो टैक्स देकर वाहनों को चला सकते हैं। हालांकि, ये शर्त है फिटनेस सर्टिफिकेट लेने के बाद भी कि ऐसे वाहन एनसीआर के क्षेत्र में नहीं जा सकेंगे, केवल एनसीआर से बाहर ही चल सकेंगे।
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