मोहाली जिला अदालत ने नाबालिग से रेप के मामले में हवलदार अजीत सिंह परमार को दोषी ठहराते हुए 14 साल की सजा सुनाई है। साथ ही एक लाख दो हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना न भरने पर दोषी को एक साल और जेल कटनी होगी। पीड़िता दोषी हवलदार की काफी करीबी रिश्तेदार है। अतिरिक्त जिला सेशन जज तरसेम मंगला की अदालत ने सरकारी व बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया है। सरकारी पक्ष की तरफ से यह केस भूपिंदर सिह उप जिला अटॉर्नी लड़ रहे थे।
ऐसे खुली थी पोल
यह मामला एक साल पुराना है। अजीत सिंह परमार फेज-11 स्थित कमांडो कांप्लेक्स में तैनात था। वहीं, सेक्टर-66 में रहता था। उसकी पहली पत्नी की मौत हो चुकी थी। उसने दूसरी शादी की थी। वह आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग लड़की से लगातार एक साल तक रेप करता रहा। साथ ही उसे यह बात किसी को नहीं बताने की धमकी दी।
नाबालिग ने घटना की जानकारी सौतेली मां को दी। इसके बाद बच्ची ने अपनी मामी को फोन पर सारी बात बताई। फिर मामी ने पंचकूला की एक एनजीओ के साथ चाइल्ड हेल्पलाइन पर संपर्क किया। साथ ही पुलिस अधिकारियों को इस बारे बताया। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
दूसरी पत्नी भी छोड़कर गई
इस घटना के दो महीने पहले ही दोषी ने दूसरा विवाह किया था। वहीं, दूसरी पत्नी भी उसके बर्ताव से परेशान होकर उसे छोड़ गई थी। उसने ही हवलदार की पहली पत्नी के रिश्तेदारों को उसकी करतूत के बारे में बताया था।
इन धाराओं में हुई सजा
धारा-376 और पोस्को एक्ट के तहत 14-14 साल की कैद 50-50 हजार जुर्माना व धारा-323 के तहत छह महीने की कैद दो हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न चुकाने पर एक साल और जेल में रहना होगा।