चंडीगढ़। यूटी पुलिस में कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल बनने के लिए प्रमोशन की बी-वन टेस्ट की लिखित परीक्षा रविवार को सेक्टर-26 स्थित पुलिस लाइन में होगी। इस परीक्षा के लिए पहले 1272 जवानों के नाम का चयन किया गया था लेकिन अब इस सूची में शामिल होने वाले जवानों का आंकड़ा 1361 तक पहुंच गया है। पुलिस मुख्यालय की ओर से परीक्षा को लेकर लिखित दिशा-निर्देश व ओएमआर शीट का सैंपल भी जारी कर दिया है ताकि जवानों को पहले से परीक्षा के बारे में जानकारी मिल सकें।
दरअसल, कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल बनने के लिए वर्ष 1988 के बाद दूसरी बार बी-वन परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। इस परीक्षा को लेकर वरिष्ठता सूची में आ चुके कुछ मुलाजिम इस पर रोक के लिए कैट चले गए थे लेकिन कैट ने बीते वीरवार को यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी थी कि प्रमोशन के लिए यह परीक्षा जरूरी है और इसमें नए कानूनों सहित विभिन्न मामलों में की जाने वाली कार्रवाई पर आधारित ही प्रश्न आएंगे। पुलिस मुख्यालय की ओर से कुछ दिन पहले केवल 1272 जवानों की लिस्ट जारी की गई थी जो इस परीक्षा में बैठने के लिए योग्य करार दिए गए थे जबकि 16 को अयोग्य करार दिया गया था। हालांकि, कुछ जवान कैट में दायर याचिका के चलते परीक्षा पर रोक लगने का इंतजार कर रहे थे लेकिन अब याचिका डिसमिस हो जाने के बाद अन्य कुछ जवानों ने भी मुख्यालय में परीक्षा के लिए आवेदन किया। इसके बाद मुख्यालय की ओर से 1272 की लिस्ट में 89 अन्य जवानों के नाम जोड़कर नई सूची जारी कर दी गई है।
बी-1 टेस्ट तो होगा, पर परिणाम कोर्ट के फैसले के बाद आएगा
हाईकोर्ट पहुंचे पुलिसकर्मियों की याचिका पर हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। चंडीगढ़ पुलिस में कांस्टेबल व सीनियर कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल की प्रमोशन के लिए बी-1 टेस्ट निर्धारित तारीख 6 अक्तूबर को ही होगा। इस पर रोक लगाने से पंजाब व हाईकोर्ट ने भी इन्कार कर दिया है, लेकिन कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को एक राहत जरूर दी है, जिसमें टेस्ट के परिणाम घोषित करने पर तब तक रोक रहेगी, जब तक हाईकोर्ट का अंतिम फैसला नहीं आ जाता। इस संबंध में में कोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा है।
केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल (कैट) ने याचिकाकर्ताओं को इस संबंध में राहत न देते हुए याचिका खारिज कर बी-1 टेस्ट करवाने को हरी झंडी दे दी थी, जिसके खिलाफ कुछ पुलिसकर्मी हाईकोर्ट पहुंचे, जिनका कहना है कि वह 2007 व 2009 के भर्ती हैं, जिन्हें 2019 में भर्ती हुए कांस्टेबलों के साथ प्रमोशन टेस्ट देना होगा, जो वाजिब नहीं हैं। प्रशासन के अधिवक्ता का तर्क था कि नए बने तीन कानूनों की जानकारी होना अनिवार्य है इसलिए बीए-1 टेस्ट पास करना जरूरी है। इसमें नए कानूनों के संबंधित प्रश्न शामिल किए गए हैं, जिसका मकसद पुलिसकर्मियों को नए कानून की जानकारी प्रदान करना है ताकि भविष्य में उक्त कानून में जांच कुशलता से हो। याची पक्ष का कहना था कि पहले जो सर्कुलर जारी हुआ था, उसमें बी-1 टेस्ट अनिवार्य न होकर स्वैच्छिक था। इसके लिए निवेदन मांगे गए थे। याचिका दाखिल करने वालों को भी कोर्ट ने बी-1 टेस्ट में शामिल होने की छूट दी है, लेकिन परिणाम कोर्ट के आदेशों पर निर्भर रहेगा।
फोटो 03: परीक्षा के लिए मुख्यालय की ओर से जारी ओएमआर शीट। स्त्रोत: पुलिस
फोटो 04: परीक्षा के लिए मुख्यालय की ओर से जारी ओएमआर शीट। स्त्रोत: पुलिस