पंजाब में स्वाइन फ्लू का कहर टूट पड़ा है। हालत यह है कि पिछले 13 दिन में स्वाइन फ्लू से 13 लोगों की मौत हो चुकी है। एकाएक ठंड बढ़ने के बाद भयानक हुए एच1एन1 वायरस के कारण सेहत विभाग में हड़कंप मच गया है। प्रदेशभर में विशेष तौर पर एडवाइजरी जारी की गई है।
पंजाब में बीस जनवरी तक स्वाइन फ्लू से सिर्फ चार लोगों की मौत हुई थी, लेकिन सोमवार को कुल मौतों की संख्या बढ़ कर 17 पहुंच गई। जिन मरीजों की स्वाइन फ्लू से मौत हुई है, वे मुक्तसर, बठिंडा, फरीदकोट, फिरोजपुर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, मोगा और मानसा के रहने वाले थे।
सेहत विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों को स्वाइन फ्लू केमरीजों केलिए अलग वार्ड बनाने की हिदायत दी है। पंजाब केस्टेट नोडल अफसर (स्वाइन फ्लू) गगनदीप सिंह ग्रोवर ने अब तक 17 मौतें होने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि राज्य भर में अब तक 124 मरीजों के सैंपल लिए गए हैं, जिनमें से 33 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
विभाग इस बात को लेकर चिंतित है कि स्वाइन फ्लू के मरीज आखिरी स्टेज पर अस्पताल पहुंच रहे हैं। विभाग का मानना है कि खांसी, सर्दी व तेज बुखार जैसे लक्षण पर लोग खुद ही दवाएं खा रहे हैं। हालत ज्यादा बिगड़ने पर अस्पताल पहुंचते हैं। अगर ये मरीज जल्द अस्पताल आ जाएं तो इलाज हो सकता है।
डॉ. ग्रोवर ने दावा किया कि सभी सरकारी अस्पतालों में टैमीफ्लू उपलब्ध है। पहले यह सिर्फ जिला अस्पतालों में होती थी, लेकिन इस बार कम्युनिटी हेल्थ सेंटरों में भी दवाएं मुहैया करवाई गई हैं। सभी सरकारी व निजी अस्पतालों को स्वाइन फ्लू केसंबंध में एडवाइजरी भेजी गई है।
उन्हें कहा गया है कि स्वाइन फ्लू के मरीजों का तुरंत इलाज शुरू करें। स्वाइन फ्लू के मुफ्त टेस्ट पीजीआई चंडीगढ़ और सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर में कराए जा रहे हैं।