चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के 110 शिक्षकों की पदोन्नति हुए छह माह हो गए, मगर पीयू के अधिकारी उनके पदोन्नति पत्र जारी नहीं कर रहे हैं। तर्क दे रहे हैं कि बिना सिंडिकेट व सीनेट के पत्र जारी नहीं किए जा सकते। वहीं शिक्षकों का तर्क है कि बिना सिंडिकेट के डीएसडब्ल्यू की तैनाती हो सकती है तो फिर यह पत्र क्यों नहीं जारी हो सकते। बिना सिंडिकेट के बाकी कार्य हो रहे हैं, लेकिन शिक्षकों के पदोन्नति पत्र जारी नहीं हो रहे।
इस तरह हुआ था पदोन्नति के लिए साक्षात्कार
पंजाब विश्वविद्यालय ने शिक्षकों की पदोन्नति के लिए साक्षात्कार की तिथियां तय कर दीं, लेकिन किसी कारणवश उन्हें स्थगित कर दिया गया। इसको लेकर पुटा में आक्रोश पनप गया। 50 से अधिक दिनों तक प्रदर्शन चला। आखिर में पीयू को साक्षात्कार की तिथियां घोषित करनी पड़ी। बमुश्किल साक्षात्कार हुए और शिक्षक पदोन्नति के साक्षात्कार में पास हो गए। लगभग 20 एसोसिएट प्रोफेसरों को प्रोफेसर बनाया जाना था। बाकी असिस्टेंट प्रोफेसरों को एसोसिएट प्रोफेसर बनना था। कुछ लाइब्रेरियन भी इस कड़ी में शामिल थे। वरिष्ठ शिक्षकों का कहना है कि पुटा के प्रदर्शन के बाद पीयू प्रशासन अपने को ठगा हुआ महसूस करने लगा। इसी कारण अब तक शिक्षकों के पदोन्नति पत्र जारी नहीं हुए।
यह भविष्य निर्माता हैं, इनको समय से सुविधाएं दें
पीयू के कुछ वरिष्ठ शिक्षकों का कहना है कि पीयू का संचालन छात्रों के कारण होता है। उन छात्रों का भविष्य बनाने का जिम्मा शिक्षकों का है। ऐसे में सर्वाधिक जरूरत छात्रों व शिक्षकों की है। ऐसे में इन दोनों वर्गों के कार्य नहीं रुकने चाहिए। शिक्षकों व छात्रों के कार्य समय से होंगे तो संस्थान का आगे बढ़ना तय है, क्योंकि वह पूरे मनोबल के साथ कार्य कर सकेंगे। उन्हें खुशी होगी कि संस्थान उनके भविष्य के बारे में बिना कहे सोचता है। शिक्षकों का कहना है कि इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए। वीसी को बड़प्पन दिखाते हुए शिक्षकों के पदोन्नति पत्र जारी करने चाहिए। जिस तरह पीएचडी इंक्रीमेंट का लाभ दिलाया, उसी तरह यह कार्य भी करना चाहिए। शिक्षकों का कहना है कि वीसी एक धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं, ऐसे में एक अच्छा कार्य उनके व्यक्तित्व में और निखार लाएगा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।
पीयू के शिक्षक वीसी से मिले, पदोन्नति पत्र जारी करने का रखा प्रस्ताव
पीयू के शिक्षक डॉ. प्रियतोष, डॉ. सुमन मोर, डॉ. नरेश कुमार आदि ने वीसी से मुलाकात की। उनका कार्यकाल बढ़ाए जाने पर बुके देकर स्वागत किया। साथ ही शिक्षकों के पदोन्नति पत्र जारी करने की बात कही। वीसी ने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस प्रकरण पर निर्णय लिया जाएगा।