चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों का सीबीएसई 10वीं का परीक्षा परिणाम पिछले साल के मुकाबले निराशाजनक रहा। पिछले साल सत्र 2020-21 में पासिंग प्रतिशत 96.6 था, वहीं इस बार सत्र 2021-22 में पासिंग प्रतिशत 74.1 रहा है। इस बार शहर के कुल 96 सरकारी स्कूलों से 13233 विद्यार्थी दसवीं बोर्ड की परीक्षा में शामिल हुए थे। कुल 13232 का परीक्षा परिणाम जारी किया गया है। इसमें 9809 छात्र पास हुए हैं। 453 विद्यार्थी फेल हुए हैं और 2970 छात्रों की कंपार्टमेंट आई है।
पिछले साल 65 स्कूलों का पासिंग प्रतिशत था शत-प्रतिशत
पिछले सत्र 2020-21 में शहर के कुल 96 सरकारी स्कूलों में से 65 स्कूलों का पासिंग प्रतिशत शत-प्रतिशत रहा था। इस बार सिर्फ दो स्कूलों के 100 प्रतिशत छात्र पास हुए है। इसमें गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेंकेंडरी स्कूल-8 और गवर्नमेंट गर्ल्स मॉडल सीनियर सेंकेंडरी स्कूल-18 शामिल है।
शहर के प्रमुख स्कूल दसवीं के परिणाम में पिछड़े
शहर के प्रमुख स्कूल जिनका परिणाम पिछले वर्ष शत प्रतिशत रहा था और हर साल बाजी मारते हैं, इस बार दसवीं बोर्ड के परिणाम में पिछड़ गए हैं। जीएमएसएसएस-16 का 89, जीएमएसएसएस-35 का 97.33, जीएमएसएसएसएस एमएचसी का 83.4, जीएमएसएसएस-10 का 96.7, जीएमएसएसएस-47 का 64.3, जीएमएसएसएस-44 का 90.9, जीएमएसएसएस-37 बी का 98.7, जीएमएसएसएस-33 का 96 प्रतिशत रहा है। इन स्कूलों का परिणाम पिछले साल शत-प्रतिशत रहा था।
जीएमएसएसएस मलोया में सिर्फ 19.2 प्रतिशत बच्चे पास
शहर के गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेंकेंडरी स्कूल मलोया का पासिंग प्रतिशत सिर्फ 19.2 प्रतिशत रहा है। हालांकि पिछले साल कोरोना महामारी के समय में इस स्कूल का पासिंग प्रतिशत शत-प्रतिशत रहा था। स्कूल में कुल 73 में से 14 छात्र ही पास हुए हैं। इसके अलावा जीएचएस 24 का पासिंग प्रतिशत 32 और जीएमएचएस-22 का पासिंग प्रतिशत 38.4 रहा है।
शिक्षकों और छात्रों की ओर से कोरोना काल में काफी मेहनत की गई थी, जिसकी बदौलत परीक्षा परिणाम बेहतर रहा है। पिछले साल के मुकाबले पासिंग प्रतिशत में कमी आई है, उसका एक कारण कोरोना महामारी के समय में बच्चों और शिक्षकों के बीच बना फासला और कम्युनिकेशन गैप रहा। इसके अलावा हम विभागीय स्तर पर हर स्कूल के प्रदर्शन की जांच करेंगे और उसमें सुधार पर स्कूली स्तर पर काम करवाया जाएगा।
- हरसुहिंदर सिंह बराड़, शिक्षा निदेशक>