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टोक्यो ओलंपिक 2020: कुश्ती के इतिहास में पहली बार 101 दिन का नेशनल कैंप, 122 पहलवान

Tue, 24 Dec 2019 11:08 AM IST
खुशबू गोयल अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा)
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फाइल फोटो
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टोक्यो ओलंपिक में सबसे ज्यादा पदकों की उम्मीद पहलवानों से लगाई जा रही है। इसके लिए कुश्ती के इतिहास में पहली बार 101 दिन का नेशनल कैंप लगाया जा रहा है। पहले कभी इतना लंबा कैंप नहीं लगाया गया। एशियन चैंपियनशिप और ओलंपिक के एशियन क्वालीफायर के लिए भी पहलवान कैंप के बीच में से ही जाएंगे, जबकि वर्ल्ड क्वालीफायर के लिए कैंप के बाद टीम जाएगी। ओलंपिक में ज्यादा पहलवानों को पहुंचाने के साथ ही वहां मेडल पक्के कराने के लिए हर दांव सिखाया जाएगा।
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इसलिए जहां ग्राउंड रेसलिंग मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। वहीं अपनी कमजोरी दूर करने के साथ ही विदेशी पहलवानों की कमियां देखकर भी पहलवान दांव सीख रहे हैं। इसलिए इस नेशनल कैंप से भारतीय कुश्ती संघ के साथ ही कोच और खुद पहलवानों को बड़ी उम्मीद है। टोक्यो में 2020 में ओलंपिक होना है, जिसमें पहुंचने के लिए पहलवान पूरा जोर लगा रहे हैं तो इस बार ज्यादा से ज्यादा मेडल ओलंपिक में लेकर आने के लिए पहलवानों के साथ ही कुश्ती संघ से लेकर कोच तक प्रयास कर रहे हैं।

इसके लिए ही पहली बार कुश्ती का सबसे लंबा 101 दिन का नेशनल कैंप लगाया जा रहा है। यह कैंप 20 दिसंबर से शुरू हुआ है जो 31 मार्च तक लगातार चलेगा। लखनऊ में महिला पहलवानों का कैंप चल रहा है। उसमें 42 पहलवानों को जगह मिली है। वहीं सोनीपत के साई सेंटर में पुरुष पहलवानों का कैंप शुरू हुआ है और इसमें 80 पहलवानों को जगह मिली है। इस कैंप के बीच ही फरवरी में एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप होगी और कैंप से सीधे पहलवान वहां खेलने जाएंगे। वहां से वापस पहलवानों को कैंप में शामिल होना पड़ेगा।
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इस तरह मार्च में होने वाली एशियन क्वालीफायर चैंपियनशिप में पहलवान सीधे कैंप से जाएंगे और वापस कैंप में आएंगे। नेशनल कैंप के बाद अप्रैल में वर्ल्ड क्वालीफायर चैंपियनशिप होगी, जिसके लिए कुछ आराम पहलवानों को मिल सकता है, लेकिन यह माना जा रहा है कि पहलवान इन सभी चैंपियनशिप के सहारे ओलंपिक का टिकट लेने के लिए आराम करने की जगह लगातार प्रैक्टिस करते रहेंगे। इस तरह यह सबसे लंबा नेशनल कैंप पहलवानों के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
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सुशील खुद करेंगे प्रैक्टिस, बजरंग, दीपक, रवि, विनेश सभी पहुंचे

ओलंपिक के दो बार पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार साई सेंटर में रहकर प्रैक्टिस  नहीं करेंगे। उन्होंने अपने निजी कोच के साथ प्रैक्टिस करने की संघ से अनुमति ली है, जबकि ओलंपिक का टिकट पक्का करने वाले बजरंग पूनिया, दीपक पूनिया, रवि दहिया, विनेश फौगाट अपने कैंप में पहुंच गए है। लखनऊ में शुरू हुए महिला पहलवानों के कैंप में पिंकी समेत अन्य सात पहलवानों ने जल्द ही वहां पहुंचने के लिए पत्र भेजा है और इस समय बीमारी और घरेलू कार्यों के कारण कैंप में नहीं पहुंचने की बात कही है।

ग्राउंड रेसलिंग को मजबूत कर रहे पहलवान
इस बार नेशनल कैंप में पहलवानों की ग्राउंड रेसलिंग मजबूत करने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है, जिससे विपक्षी पहलवानों पर अटैक ज्यादा बेहतर तरीके से कर सके और लेग अटैक व लेग डिफेंस भी मजबूत रहे। वहीं अपनी कमजोरियों को पहलवान दूर करने के लिए दांव लगा रहे हैं तो विदेशी पहलवानों की वीडियो देखकर उनकी कमियों के आधार पर भी दांव लगा रहे हैं।

31 मार्च तक चलेगा कैंप
ओलंपिक को देखते हुए इस बार सबसे लंबा नेशनल कैंप लगाया गया है, जो 20 दिसंबर से शुरू हुआ है और यह 31 मार्च तक चलाया जाएगा। रियो ओलंपिक से पहले लगा नेशनल कैंप भी काफी लंबा चला था, लेकिन वह भी इतने ज्यादा दिन तक नहीं लगाया गया था। इस बार ओलंपिक में पहलवानों से ज्यादा से ज्यादा पदक जीतकर लाने की उम्मीद है।
- कुलदीप मलिक, चीफ कोच भारतीय महिला कुश्ती।
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