यह कदम बीते शनिवार को हुई एक घटना के बाद उठाया गया, जिसमें आदित्य पर संगठन के ही संयुक्त सचिव जसविंदर राणा के साथ मारपीट करने के गंभीर आरोप लगे हैं। शनिवार को पीयू की मार्केट में आदित्य तकियार ने जसविंदर राणा के साथ धक्का-मुक्की, गाली-गलौज और झगड़ा किया। इसके बाद तकियार ने राणा के साथ मारपीट की और फिर सेक्टर-15 के एबीवीपी कार्यालय में जाकर छिप गया, जब जसविंदर राणा और अन्य कार्यकर्ता तकियार से मिलने कार्यालय पहुंचे तो वहां भी उसने गाली-गलौज की। दोनों गुटों में हुई झड़प में तकियार ने कार्यकर्ताओं पर भी हाथ उठाया। साक्ष्य भी मौजूद हैं। हैरानी की बात है कि इस पूरे घटनाक्रम के बाद केवल जसविंदर राणा और पीयू के अन्य कार्यकर्ताओं पर ही कार्रवाई की गई, जबकि तकियार के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया गया।
निष्पक्ष जांच की मांग :
कार्यकर्ताओं ने इसे संगठन के भीतर तानाशाही और अन्यायपूर्ण रवैया करार दिया। इसलिए इस्तीफे देने का फैसला लिया। राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान, क्षेत्रीय संगठन मंत्री गौरव अत्री, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रशांत गौतम, प्रदेश संगठन मंत्री शमशेर सिंह और आरएसएस के प्रांत प्रचारक नरेंद्र को पत्र सौंपा है। कार्यकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की। आरोप लगाया कि एक व्यक्ति को बचाने के चक्कर में पीयू की एबीवीपी की पूरी टीम के साथ अन्याय किया जा रहा है। तकियार पर इससे पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं। यह छात्राओं के साथ भी अभद्र भाषा का प्रयोग करता है।