महिला से दुराचार के मामले में जम्मू निवासी और चंडीगढ़ में बतौर होमगार्ड वालंटियर तैनात रहे गोरखनाथ (35) को 10 साल की सजा सुनाई गई है। चंडीगढ़ में जिला अदालत ने 1.05 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। इसके साथ ही जुर्माना राशि में से एक लाख रुपये बतौर मुआवजा पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं। किश्तवाड़, जिला डोडा, जम्मू निवासी गोरखनाथ के खिलाफ सेक्टर-39 थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 376 (2) और आईटी एक्ट 67 के तहत केस दर्ज किया था।
पुलिस में दी शिकायत में सेक्टर-55ए निवासी पीड़िता ने कहा था कि वह गोरखनाथ को वर्ष 2012 से जानती है। उसकी पहचान सेक्टर-37 में लगे एक नाके के दौरान हुई थी। वहां उसका बिना सीट बेल्ट का चालान किया गया था। इसी दौरान उसने उसका नंबर लिया था। इसके बाद से वह उसे फोन करने लगा और कुछ समय बाद दोनों में दोस्ती हो गई। वर्ष 2015 में दोनों साथ रहने लगे। आरोप के अनुसार इस दौरान उसने उससे कई बार शारीरिक संबंध बनाए।
कुछ समय साथ रहने के बाद वह उसे छोड़कर चला गया। सितंबर 2016 में वह फिर से उसे परेशान करने लगा। उसने उसे ब्लैकमेल किया कि अगर वह उसके साथ नहीं रही तो वह उसकी आपत्तिजनक वीडियो वायरल कर देगा। इस दौरान उसने उसे कई बार मारा-पीटा भी। उसने घर से बाहर निकलना तक बंद कर दिया था। इस दौरान उसने उससे कई बार दुराचार किया। इससे तंग आकर पीड़िता ने पहले पुलिस हेडक्वार्टर स्थित पब्लिक विंडो पर शिकायत दी। साथ ही साइबर सेल को भी इसकी शिकायत दी।
शिकायत के आधार पर सेक्टर-39 थाना पुलिस ने गोरखनाथ के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, युवती ने दोषी पर उसकी आपत्तिजनक वीडियो बनाने का भी आरोप लगाया था। इस पर साइबर सेल ने मामले की जांच की थी। वहीं, बचाव पक्ष के अनुसार शिकायतकर्ता खुद अपनी मर्जी से दोषी के साथ रह रही थी। उसे केस में झूठा फंसाया गया था। वहीं, सजा सुनाए जाने से पहले बचाव पक्ष की ओर से दोषी की बेटी और बेटी के स्पेशल चाइल्ड (दिव्यांग) होने पर सजा में नरमी की अपील की गई थी।