परिजनों ने किया ड्रामा, बुलानी पड़ी पुलिस
44 प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शनों के साथ पकड़े गए सेक्टर-56 निवासी काला (37) को जिला अदालत ने एनडीपीएस एक्ट के तहत 10 साल की कड़ी सजा सुनाई है। साथ ही उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं, सजा सुनाए जाने के बाद दोषी के परिवार ने खूब हंगामा किया। हंगामा करने वालों में छोटे-छोटे बच्चे तक शामिल थे।
परिजनों का हंगामा देख उन्हें नियंत्रित करने के लिए पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी। करीब आधे घंटे तक चले हंगामे के बाद परिजन शांत हुए। सेक्टर-39 थाना पुलिस में दर्ज मामले के अनुसार, 23 जनवरी 2017 को पल्सौरा पुलिस चौकी ने सेक्टर-56 में सरकारी स्कूल के पास नाका लगाया हुआ था। रात करीब आठ बजे सेक्टर-55/56 की विभाजित सड़क पर एक व्यक्ति आता दिखाई दिया।
पुलिस नाका देखकर वह वह वापस मुड़ गया और तेज-तेज चलने लगा। पुलिस ने शक होने पर पीछा कर उसे दबोच लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से एक पैकेट में 44 नशीले इंजेक्शन बरामद हुए। पूछताछ में वह इंजेक्शनों के संबंध में परमिट या लाइसेंस नहीं दिखा सका। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 22 के तहत केस दर्ज किया था। आरोपी की पहचान काला निवासी सेक्टर-56 के रूप में हुई।
दोषी की बेटी ने की कोर्ट परिसर में तीसरी मंजिल से कूदने की कोशिश
अदालत द्वारा फैसला सुनाए जाने के बाद दोषी के परिजनों को इसका पता चला तो उन्होंने जोर-जोर से चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। शोर मचते देख भीड़ जमा हो गई। परिवार के सदस्यों में खासकर दोषी की मां, पत्नी और पांचों बच्चे जोर-जोर से रोने और चिल्लाने लगे। कोर्ट रूम के बाहर हंगामा बढ़ता देख फौरन बख्शीखाने से पुलिस फोर्स बुलाई गई।
पुलिस ने पहुंचकर हालात पर नियंत्रण पाने की कोशिश की लेकिन परिजन कोर्ट रूम में अंदर जाने को लेकर अड़े रहे। वहीं, इस दौरान दोषी की एक बेटी ने तो तीसरी मंजिल से कूदने तक की कोशिश की। हालांकि उसके जानकारों में से एक ने उसे फौरन पकड़ लिया। वहीं दोषी के पांच बच्चों में से कुछ तो कोर्ट रूम के दरवाजे पर हाथ और सिर तक मारते रहे।
हंगामे के दौरान परिजन पुलिस पर आरोप लगाते रहे कि उन्होंने दोषी पर झूठा केस दर्ज कर उसे फंसाया था। इस दौरान दोषी की मां तो एक बार बेहोश तक हो गई। करीब आधे घंटे तक चले हंगामे के दौरान वहां भीड़ जमा हो गई। हंगामे के कारण पुलिसकर्मियों ने दोषी को अंदर स्टाफ गैलरी के रास्ते से बख्शीखाने तक ले गई। इसके बाद पुलिस ने किसी तरह समझाकर परिजनों को शांत कराया और वहां से भेजा।