चंडीगढ़। सेक्टर-16 के पंजाब कला भवन के रंधावा सभागार में बुधवार को 10 पुस्तकों का विमोचन किया गया। यह विमोचन पंजाब कला परिषद की ओर से हुआ। इस मौके पर पंजाब सरकार के पर्यटन और संस्कृति मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद मुख्य अतिथि थे।
समारोह की अध्यक्षता पंजाब कला परिषद के चेयरमैन स्वर्णजीत सिंह सवी ने की। मंच संचालन पंजाबी शायर जगदीप सिद्धू ने की। कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध चिंतक डॉ. बलकार सिंह, डॉ. योगराज, डॉ सुखपाल सिंह, डॉ. मनमोहन, डॉ. रौणकी राम, डॉ. आत्म रंधावा, डॉ. अमरजीत सिंह, डॉ. तेजिंदर सिंह, डॉ. प्रवीण कुमार और डॉ जशनप्रीत की पुस्तकों पर चर्चा की गई।
इस दौरान अमरजीत सिंह ग्रेवाल की लिखी पुस्तक मार्टिटम दैट बर्थ्ड द फ्यूचर: गुरु तेग बहादुर एंड द पोस्टह्यूमन रेवोल्यूशन, रंजीत सिंह घुम्मन की पुस्तक पंजाब इकोनॉमी: प्रस्पेक्टिव एंड पाथवेज के अलावा पुस्तक नारी सबाई, अपना मूल पहचान, प्रवास चिंतन और चेतना, दलित चिंतन और चेतना, सर्वजीत सवी काव्य के नए आयाम: इतिहास, दर्शन और एआई के अलावा नव काव्य: सृजन चिंतन और संवाद, नौजवानी आत्म प्रकाश और स्वर्णजीत सवी-काव्य अंतर संवाद का विमोचन हुआ।
डॉ. बलकार सिंह ने कहा कि ग्रेवाल व अन्य की रचनाओं को पढ़ना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा कि आज के समय को उस समय के साथ देखना महत्वपूर्ण है।
उसके बाद लेखक रणजीत सिंह घुम्मन के बारे में आर्थिक विशेषज्ञ डॉ. सुखपाल सिंह ने कहा कि मेरी कुछ असहमतियों के बावजूद उनकी पुस्तक पंजाब के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। डॉ. प्रवीण कुमार ने डॉ. अकाल अमृत कौर द्वारा संपादित पुस्तक के बारे में कहा कि पुस्तक के सभी लेख विषय के साथ न्याय करते हैं। पंजाब सरकार के मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने ज्ञान के स्रोतों और बाणी के दर्शन पर प्रकाश डाला। उन्होंने हर गांव में पुस्तकालयों की स्थापना की भी बात की।