चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के ड्राइवर कम कंडक्टरों की ओर से उन्हें तरक्की के लिए पद सजृत करने की मांग करती एक याचिका पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने चार महीने में फैसला लेने को कहा है। निरंजन सिंह समेत 40 ड्राइवर कम कंडक्टरों ने यूनिवर्सिटी को मांग पत्र भेजा था, लेकिन इस पर कार्रवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी और अब हाईकोर्ट ने मांग पत्र पर चार महीने में फैसला लेने का निर्देश दिया है।
याचिका में इन कर्मचारियों ने कहा था कि वह पिछले कई सालों से नियमित या तदर्थ आधार पर एक ही पद पर बने हुए हैं, लेकिन यूनिवर्सिटी ने ड्राइवर कम कंडक्टर से तरक्की देकर सुपरवाइजर कम ड्राइवर पद बनाने की नीति नहीं बनाई।
दलील दी गई थी कि सुप्रीम कोर्ट तक ने यह साफ किया है कि किसी कर्मचारी को उसकी पूरी नौकरी में कम से कम दो बार तरक्की दी जानी उचित है। यह भी बताया कि पंजाब के ट्रांस्पोर्ट विभाग में ड्राइवरों कम कंडक्टरों को तरक्की देने की कवायद है, इसी आधार पर यूनिवर्सिटी के ट्रांस्पोर्ट विभाग को भी यूनिवर्सिटी के ड्राइवर कम कंडक्टरों को सुपरवाइजर कम ड्राइवर पद की तरक्की दी जानी चाहिए।