वर्ल्ड बैंक मंगलवार देर शाम को अपनी एक रिपोर्ट जारी करने वाला है, जिस पर भारत की पूरी निगाह लगी हुई है। यह रिपोर्ट विश्व के ईज ऑफ डूईंग बिजनेस रैंकिंग के बारे में है। केंद्र सरकार को उम्मीद है कि अबकी बार भारत कई पायदान उछल कर डबल डिजिट में ग्रोथ लेगा।
2017 में थी 130 रैंकिंग
पिछले साल वर्ल्ड बैंक द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में भारत की 190 देशों में 130वीं रैंकिंग थी। केंद्र सरकार का प्रयास है कि वो इस बार टॉप 50 में अपना स्थान बना ले। इस बार इसका टाइटिल ‘वर्ल्ड बैंक ग्रुप डूईंग बिजनेस 2018 : रिफार्म्स टू क्रियेट जॉब्स’ है। यह रिपोर्ट 10 मानकों को आधार बना कर तैयार की जाती है।
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इन 3 मानकों में होगा सुधार तभी मिलेगी जगह
केंद्र सरकार 10 में से 3 मानकों पर अपनी नजर गड़ाकर बैठी है, जिसमें उसे काफी सुधार होने की उम्मीद है। ये तीन मानक हैं बिजनेस शुरू करना, कंस्ट्रक्शन परमिट से डील करना और दिवालिया हुई कंपनी का सुधार करना। पिछले साल 2017 में भारत इन तीन मानकों में क्रमशः 155,185 और 136 रैंकिंग थी।
जीएसटी को नहीं किया जाएगा शामिल
इस रैंकिंग में केंद्र सरकार के अब तक के सबसे बड़े टैक्स रिफॉर्म जीएसटी को शामिल नहीं किया जाएगा। भारत की टैक्स सही से अदा करने वाले देशों की रैंकिंग में 172वां स्थान है। अगले साल सरकार को इसके चलते रैंकिंग में और बढ़ोतरी की उम्मीद है।