ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (टीपीसीआई) के अध्यक्ष मोहित सिंगला का कहना है कि ईरान संकट का भारतीय निर्यातकों पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ने वाला है। इस समय भारत से ईरान को सिर्फ थोड़ी मात्रा में चावल, दवाइयां, पैकेजिंग मैटेरियल तथा कुछ अन्य जरूरी सामानों का निर्यात किया जाता है।
यह निर्यात उस पैसे के बदले किया जाता है, जो पहले से ही भारत और ईरान के बैंकों में जमा हैं। दरअसल, अमेरिकी प्रतिबंध से पहले ईरान से जो कच्चा तेल भारत आता था, उसकी राशि दोनों देश के बैंक के एस्क्रो इएकाउंट में जमा कर दिया जाता था। उस राशि में से अभी भी कुछ शेष बचा हुआ है।
इसी पैसे से भारतीय निर्यातकों को भुगतान मिलता है। इस खाते में कितनी राशि बची है, इस पर उनका कहना है कि इस बारे में भारत सरकार की तरफ से कोई खुलासा नहीं किया गया है। लेकिन ईरानी बैंकों के सूत्रों का कहना है कि इस समय करीब पांच-छह हजार करोड़ रुपये इस खाते में बचे हैं।