इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार घोसन के खिलाफ सुनवाई अभी शुरू होनी थी और देश ना छोड़ना उनकी जमानत की शर्तों में था। उन्हें नवंबर 2018 में गिरफ्तार किया गया था। लेबनान के सरकारी टीवी स्टेशन एमटीवी के अनुसार घोसन एक बड़े से म्यूजिकल बॉक्स में छिपकर के टोक्यो से बाहर निकल गए थे।
घोसन ने क्रिसमस के अवसर पर एक म्यूजिक बैंड को अपने जापान के घर में बुलाया था। घोसन को इस तरह से निकालने की योजना काफी लंबे समय से बन रही थी, और इसमें उनकी पत्नी कैरोल का बड़ा हाथ था। इसके अलावा उनके भाईयों और तुर्की में मौजूद अपने साथियों की मदद ली।
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जापानी मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि घोसन एक अन्य नाम से बेरुत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दिखे। उन्होंने प्राइवेट जेट का इस्तेमाल किया था। वहीं, जापान की इमिग्रेशन अथॉरिटी के पास घोसन के देश छोड़ने की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने जापान के छोटे से हवाई अड्डे का इस्तेमाल किया ताकि लोग उनको पहचान न सकें।
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गार्जियन के अनुसार लेबनान के अधिकारियों को वहां के नेताओं से आदेश मिला था कि वो घोसन के देश में आने की बेरूत हवाईअड्डे पर इमिग्रेशन जांच न करें। लेबनान में कई लोग घोसन को अपने देश के बड़े प्रवासी समुदाय के प्रतीक के रूप में और लेबनान की उद्यम संबंधी प्रतिभा के एक उत्तम उदाहरण के रूप में देखते हैं और उन्हें घोसन की गिरफ्तारी से धक्का लगा है।