कोविड-19 के चलते देश की विमानन कंपनियों के लिए लागू की गई हवाई किराए की न्यूनतम व अधिकतम सीमा उड़ानें सामान्य होते ही खत्म कर दी जाएगी। लॉकडाउन के बाद मई से देश में उड़ानें फिर शुरू की गई हैं। 80 फीसदी उड़ानें बहाल हो गई हैं, लेकिन इनका उपयोग 60 से 65 फीसदी ही हो रहा है।
नागर विमानन सचिव प्रदीप सिंह खरोला ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। एक सवाल के जवाब में खरोला ने कहा कि नागर विमानन मंत्रालय यात्रियों की संख्या पर नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा, ‘‘किराया दायरा कोई स्थायी व्यवस्था नहीं बनने जा रही है।
सचिव ने कहा कि उड़ानों का परिचालन कोविड-19 पूर्व स्तर के 80 प्रतिशत क्षमता पर हो रहा है। इस 80 प्रतिशत में उपयोग 60 से 65 प्रतिशत ही है। खरोला ने कहा जैसे ही परिचालन सामान्य स्तर पर आता है, कीमत दायरा (अधिकतम और न्यूनतम सीमा) समाप्त हो जाएगा।
‘लॉकडाउन’ के बाद विमान परिचालन मई में शुरू हुआ था। उस समय नागर विमानन मंत्रालय ने किराये की सीमा तय कर दी थी। इसके बाद नवंबर में किराये पर सीमा की अवधि 24 फरवरी तक बढ़ा दी गई।