17 सालों से अधर में लटका जीएसटी 1 जुलाई से देशभर में लागू होने वाला है। सरकार इसे भारत की आजादी से अब तक का सबसे बड़ा टैक्स सुधार सिस्टम मान रही है। जीएसटी से छोटे-छोटे करों की समाप्ति होगी जो व्यवसायों में गतिरोध पैदा करते हैं। वृद्धि में प्रोत्साहन के साथ-साथ जीएसटी सिर से ऊपर जाती मंहगाई पर भी लगाम लगाएगा।
बता दें कि जीएसटी के तहत खाद्य अनाज, अनाज और सब्जियों को शून्य दर्जा दिया गया है और बाकी चीजों के लिए रेट स्लैब 5%, 12 %, 18.5 % और 28% रखे गए हैं। वहीं, लक्जरी उत्पादों पर उपकर लगाया जाएगा।
GST के बाद 'मंहगा'
मक्खन पर 5.66 % से बढ़कर 12 % का कर लगेगा, टेलीविजन 24.3% से 28%, फुटवियर 14.41% से 500 रुपये के ऊपर के जूतों पर 18% , बिस्किट 16.09 % से 18% , कॉर्नफ्लैक्स 9.86% से 18% , हाथ की घड़ी 20.64% से 28% , जेम 5.66% से 18% , बेबी फूड 7.06% से 18% , छोटी कारें ( 4 मीटर से कम/ 1200 सीसी पेट्रोल) 25% -27% से 28+1% , छोटी कारें (4 मीटर/ 15 सीसी पट्रोल) 25% -27% से 28+3 % , मिड सेजमेंट कार (1500सीसी के कम) 36% -40% से 28+15% कर लगेगा।
GST के बाद 'सस्ता'
मोबाइल फोन 20.02% से 12% , 500 रुपये से कम के जूते 14.41% से 5%, रेडिमेड गारमेंट्स 18.16% से 12% , विकलांग के लिए कार 20% -22% से 18% , दवाइयां 11% से 5% , रिनेवल एनर्जी डिवाइस 17% -18% से 5% , लौहे से बनी चीजे 17% -18% से 5% , हाथ से बने म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट 0% -12.5% से 0% , कॉन्टेक्ट लैंस 18% से 12% ,प्रोसेस्ड भोजन 14% से 12% की कमी आएगी।
GST कर से मुक्त
मीट, मछली (ताजा और ठंडी)
दूध उत्पाद
अण्डा, नमक
ह्यूमन रक्त और इसके कंपोनेंट्स
गर्भनिरोधक दवाइयां
ताजा फल, सब्जी
नॉन-ब्रॉडेंड अनाज, आटा और गुड़
न्यायिक और गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर
गैर-कीमती धातु चूड़ी, एग्रीकल्चर हैंड टूल्स