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Tata Trust: टाटा संस की लिस्टिंग पर मतभेद? ट्रस्ट्स ने 16 मई तक टाली बोर्ड बैठक, इन मुद्दों पर होनी थी चर्चा

Fri, 08 May 2026 01:52 PM IST
Sandhya Kumari बिजनेस डेस्क, अमर उजाला

सार

टाटा ट्रस्ट्स ने गवर्नेंस और कानूनी मुद्दों के चलते टाटा संस बोर्ड समीक्षा बैठक 16 मई तक टाल दी। टाटा संस की संभावित लिस्टिंग पर विजय सिंह और वेणु श्रीनिवासन की टिप्पणियों के बाद ट्रस्ट्स में आंतरिक मंथन तेज हो गया है।

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टाटा ग्रुप की बोर्ड बैठकें 16 मई तक के लिए स्थगित - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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टाटा संस के मुख्य शेयरधारक सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट ने अपनी बोर्ड बैठकें 16 मई तक के लिए स्थगित कर दी हैं। इन बैठकों को गवर्नेंस और कानूनी मुद्दों से जुड़ी चुनौतियों के कारण टाला गया है। ये बैठकें मूल रूप से 8 मई को निर्धारित थीं, जिनमें टाटा संस बोर्ड में ट्रस्टों के प्रतिनिधित्व की समीक्षा होनी थी।

अध्यक्ष नोएल टाटा ने भी किया समर्थन

सूत्रों के अनुसार, कुछ ट्रस्टी जिन्हें पहले ही निर्धारित बैठक में शामिल होना था, उन्हें बैठक शुरू होने से ठीक पहले रद्द होने की सूचना दी गई। बैठकें पहले 12 मई को भी निर्धारित की गई थीं, लेकिन बाद में स्थगित कर दी गईं। बैठक में संभावित मुद्दों में टाटा ट्रस्ट्स के उपाध्यक्ष विजय सिंह और वेणु श्रीनिवासन द्वारा टाटा संस को सूचीबद्ध करने की संभावना पर हाल ही में की गई टिप्पणियां शामिल हैं। माना जा रहा है कि इन टिप्पणियों के कारण ट्रस्टों के भीतर एक व्यापक आंतरिक मूल्यांकन शुरू हुआ है। यह मूल्यांकन इस बात पर केंद्रित है कि क्या बोर्ड के नामित सदस्य होल्डिंग कंपनी के निजी स्वामित्व में बने रहने के व्यापक संस्थागत दृष्टिकोण से सहमत हैं। ट्रस्टों के अधिकांश सदस्य टाटा संस को गैर-सूचीबद्ध इकाई के रूप में बनाए रखने के पक्ष में हैं। अध्यक्ष नोएल टाटा भी कुछ मतभेदों के बावजूद इस स्थिति का समर्थन करते हैं। टाटा संस की संभावित लिस्टिंग को लेकर बहस टाटा समूह के भीतर कई वर्षों से एक संवेदनशील मुद्दा बनी हुई है।

लिस्टिंग पर आंतरिक मूल्यांकन

विजय सिंह और वेणु श्रीनिवासन की टिप्पणियों ने ट्रस्टों के भीतर व्यापक आंतरिक मूल्यांकन को जन्म दिया है। यह मूल्यांकन इस बात पर केंद्रित है कि क्या नामित सदस्य कंपनी को निजी स्वामित्व में रखने के संस्थागत दृष्टिकोण से सहमत हैं। ट्रस्टों के अधिकांश सदस्य टाटा संस को गैर-सूचीबद्ध इकाई के रूप में बनाए रखने के पक्ष में हैं। अध्यक्ष नोएल टाटा भी इस स्थिति का समर्थन करते हैं।

प्रमुख सदस्यों की भूमिका

विजय सिंह को पिछले वर्ष टाटा संस के बोर्ड में पुनः नियुक्त नहीं किया गया था। हालांकि, वेणु श्रीनिवासन से संबंधित किसी भी संभावित समीक्षा पर ध्यान आकर्षित होने की संभावना है, क्योंकि भारतीय कंपनियों में उनका दबदबा और ट्रस्टों में उनकी निरंतर भूमिका महत्वपूर्ण है। टाटा संस की संभावित लिस्टिंग को लेकर बहस टाटा समूह के भीतर कई वर्षों से एक संवेदनशील मुद्दा बनी हुई है। एसडीटीटी और एसआरटीटी दोनों के बोर्ड में नोएल टाटा, वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह जैसे प्रमुख सदस्य शामिल हैं।

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