सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सरकारी बैंकों पर कार्रवाई की मांग वाली याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा है। शीर्ष कोर्ट ने वित्त मंत्रालय को नोटिस जारी किया है। सौरभ जैन द्वारा दाखिल याचिका में सरकारी बैंकों पर बडे़ कर्ज नहीं चुकाने वाली कंपनियों के निदेशकों और प्रवर्तकों की व्यक्तिगत गारंटी को तलब नहीं करने के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की गई है।
जस्टिस आरएफ नरिमन और जस्टिस नवीन सिन्हा ने सोमवार को जारी आदेश में वरिष्ठ अधिवक्ता मनन कुमार मिश्रा का पक्ष सुनने के बाद उनसे वित्त मंत्रालय से दो सप्ताह के भीतर संपर्क कर अपना पक्ष बताने को कहा।
साथ ही सरकार से उसके बाद चार हफ्तों में जवाब देने को कहा है। याचिका में दावा किया गया कि सरकारी बैंकों को इस लापरवाही के कारण हर साल करीब 1900 करोड़ रुपये का नुकसान होता है।