कंपनी के आंतरिक मूल्यांकन के बाद और निरीक्षण के निष्कर्षों के आधार पर सरकार तय करेगी कि मामले को गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) में ले जाने की जरूरत है या नहीं।
एडटेक कंपनी बायजू की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अब केंद्र सरकार ने कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय को बायजू के बही-खातों के जांच के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट 6 सप्ताह में सौंपनी होगी। बायजू के ऑडिटर डेलॉय और बोर्ड के तीन सदस्यों ने पिछले महीने इस्तीफा दे दिया था। कंपनी के आंतरिक मूल्यांकन के बाद और निरीक्षण के निष्कर्षों के आधार पर सरकार तय करेगी कि मामले को गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) में ले जाने की जरूरत है या नहीं। यह निरीक्षण बायजू के लिए एक नया सिरदर्द होगा।
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कंपनी का मूल्यांकन पिछले फंडिंग दौर में 22 अरब डॉलर था, जो घटकर एक चौथाई रह गया है। वित्त वर्ष 2021 में कंपनी को 4,588 करोड़ का घाटा हुआ था। वह अपने कर्ज समझौते की कुछ शर्तों का उल्लंघन करने के बाद 1.2 अरब डॉलर के टर्म लोन के पुनर्गठन के लिए बातचीत फिर से शुरू कर रही है। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अप्रैल, 2023 में फेमा कानूनों के संभावित उल्लंघन को लेकर बंगलूरू में बायजू के ठिकानों पर छापेमारी की थी।