घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को भारी गिरावट देखने को मिली। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 570.59 अंक टूटकर 71,909.70 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 198.50 अंक की गिरावट के साथ 22,421.95 पर आ गया। आज सुबह भी बाजार गिरावट के साथ खुला था। दोपहर होते-होते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 950 अंक से ज्यादा तक टूट गया। हालांकि बाद में शेयर बाजार थोड़ा संभला, लेकिन हरे निशान पर वापसी करने में असफल रहा।
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से मारुति, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील, अदानी पोर्ट्स, आईटीसी, पावर ग्रिड, हिंदुस्तान यूनिलीवर और इटरनल प्रमुख रूप से पिछड़ने वाली कंपनियां रहीं। इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक और एचडीएफसी बैंक विजेताओं में शामिल थे।
बाजार में सतर्कता देखने को मिली क्योंकि ऊर्जा की बढ़ती लागत और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव ने मुद्रास्फीति के दबाव और ब्याज दरों के दृष्टिकोण के बारे में चिंताएं बढ़ा दीं, जिससे सभी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर बिकवाली हुई। निफ्टी के घटकों में, बजाज ऑटो, मारुति सुजुकी इंडिया और श्रीराम फाइनेंस दिन के सबसे बड़े नुकसान उठाने वाले शेयरों के रूप में उभरे, जो ऑटो और वित्तीय शेयरों में कमजोरी को दर्शाता है।
क्षेत्रीय स्तर पर, ऑटोमोबाइल, मीडिया, धातु और एफएमसीजी शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। निफ्टी ऑटो, निफ्टी मीडिया, निफ्टी मेटल और निफ्टी एफएमसीजी सूचकांकों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। इसके विपरीत, सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों ने बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया, जिसमें निफ्टी आईटी इंडेक्स सत्र के दौरान सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला क्षेत्र बनकर उभरा।
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का KOSPI और जापान का Nikkei 225 सूचकांक काफी तेजी से ऊपर चढ़कर बंद हुआ। यूरोप के बाजारों में गिरावट देखी गई। बुधवार को अमेरिकी बाजार अधिकतर गिरावट के साथ बंद हुए।
रिसर्च एनालिस्ट फर्म एचएसटी वेल्थ के संस्थापक और सीईओ हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने कहा कि विदेशी निवेशकों द्वारा पिछले सत्र में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री के साथ, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में वृद्धि विदेशी बिकवाली के दबाव को बनाए रख सकती है और भारतीय इक्विटी पर और अधिक दबाव डाल सकती है। अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड में 5.34 प्रतिशत की ओर फिर से हुई वृद्धि ने डॉलर परिसंपत्तियों के सापेक्ष आकर्षण को मजबूत किया और उभरते बाजारों के शेयरों के लिए मूल्यांकन बाधा को बढ़ा दिया।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड में 2.77 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 100.8 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 10,148.41 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। बुधवार को सेंसेक्स 48.78 अंक या 0.07 प्रतिशत गिरकर 72,480.29 पर बंद हुआ। निफ्टी 95.75 अंक या 0.42 प्रतिशत गिरकर 22,620.45 पर समाप्त हुआ।