आधार के क्लासिफाइड डाटा को विदेशी कंपनियां एक्सेस कर सकती हैं। आरटीआई में किए गए एक खुलासे से पता चला है कि आधार नंबर जारी करने वाली संस्था यूनिक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ काम कर रहीं विदेशी कंपनियों सभी प्रकार का डाटा एक्सेस कर सकती हैं।
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टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, बंगलुरू के रहने वाले कर्नल मैथ्यू थॉमस द्वारा दायर की गई आरटीआई में जानकारी दी गई है कि सभी विदेशी कंपनियों को लोगों के फिंगरप्रिंट्स, आंखो की पुतलियों का स्कैन और पर्सनल जानकारी जैसे कि जन्मतिथि, पता और मोबाइल नंबर की जानकारी का एक्सेस है। कर्नल मैथ्यू सुप्रीम कोर्ट में दायर राइट टू प्राइवेसी मामले में याचिकाकर्ता भी हैं।
आरटीआई की जानकारी पूरी तरह से सरकार और यूआईडीएआई के दावे को पूरी तरह से खारिज करता है। इसके अनुसार कंपनियों के साथ किए गए कांट्रैक्ट के क्लॉज 15.1 में कहा गया है कि कंपनियां सभी प्रकार के डाटा और हार्डवेयर को एक्सेस कर सकती हैं। ये केवल उन कंपनियों के लागू है जो बॉयोमेट्रिक सर्विस प्रोवाइडर हैं।