केंद्र सरकार ने व्यापारियों को बड़ी राहत दी है। लंबे समय से व्यापारी मांग कर रहे थे कि जीएसटी के वार्षिक रिटर्न की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए। इस संबंध में कन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की ओर से भी वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र भेजा गया था। फिलहाल सरकार ने व्यापारियों के अनुरोध पर जीएसटी का वार्षिक रिटर्न भरने की अंतिम तिथि तीन माह के लिए बढ़ा दी है।
कैट के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल के मुताबिक केंद्र सरकार के इस निर्णय से संगमनगरी के हजारों व्यापारियों को राहत मिली है। उनके मुताबिक कैट ने छह दिसंबर को पत्र के माध्यम से अनुरोध किया था कि वर्ष 2017-2018 के नौ माह के जीएसटी के वार्षिक रिटर्न की अंतिम तिथि 31 दिसंबर है। उसे बढ़ाकर 31 मार्च 2019 कर दिया जाए। यह मांग वित्त मंत्री ने मान ली है।
कहा कि अब इन तीन माह के दौरान केंद्र और राज्य के जीएसटी विभाग को अभियान चलाकर सेमिनारों के माध्यम से व्यापारी एवं कर सलाहकारों को प्रशिक्षित करना चाहिए। क्योंकि जीएसटी लागू होने का 2017-2018 पहला वर्ष है। जीएसटी से संबंधित अनेक विषयों से देश भर के तमाम व्यापारी अनभिज्ञ हैं। जीएसटी पोर्टल भी बहुत बड़ी समस्या बन गया है। एक रिटर्न जमा करने में दो से तीन का समय व्यापारियों को लग जा रहा है। उधर व्यापारी नेता संतोष पनामा, सतीश केसरवानी ने भी रिटर्न की तिथि तीन माह बढ़ाए जाने का स्वागत किया है।