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RBI ने नहीं किया रेपो रेट में बदलाव, कर्ज नहीं होगा सस्ता

Thu, 06 Apr 2017 03:32 PM IST
amarujala.com, Submitted By : अनंत पालीवाल
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- फोटो : getty
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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने तमाम आशंकाओं पर खरा उतरते हुए बैंकों द्वारा तय की जाने वाली ब्याज दर (रेपो रेट) में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि केंद्रीय बैंक ने रिवर्स रेपो रेट को 0.25 फीसदी बढ़ाकर के 6 फीसदी कर दिया है। 
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गुरुवार को सेंट्रल बैंक नए वित्तीय वर्ष की पहली मौद्रिक समीक्षा नीति का ऐलान करते हुए आरबीआई के गर्वनर उर्जित पटेल ने केवल रिवर्स रेपो रेट में बढ़ोतरी की है। पहले यह 5.75 फीसदी था जोकि अब 6 फीसदी कर दिया गया है। वहीं रेपो रेट को 6.25 फीसदी पर बरकरार रखा है। 

बाजार समीक्षकों ने जताई थी ऐसी ही आशा

बाजार समीक्षकों के मुताबिक, इस बार ऐसी उम्मीद काफी कम है कि रिजर्व बैंक रेपो रेट में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं करेगा। मार्केट एक्सपर्ट के मुताबिक, रिजर्व बैंक गर्वनर उर्जित पटेल ने फरवरी में किए बदलाव को स्थिर रखा है। मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए पटेल ने महंगाई दर को 4.5 फीसदी रहने की आशा जताई है। 
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पटेल ने कहा कि मुद्रा के चलन को बाजार में बढ़ाने के लिए ही रिवर्स रेपो रेट में बढ़ोतरी की है।
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किसानों की कर्ज माफी से चिंता में आया RBI

अारबीअाई
इससे पहले पटेल ने रेपो रेट में 4 अक्तूबर 2016 को कमी करने की घोषणा की थी। तब पटेल ने 25बीपीएस की कटौती की थी। इसके बाद दिसंबर में भी समीक्षा के दौरान पटेल ने रेपो रेट में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया था। अभी रेपो रेट 6.25 फीसदी है। 

किसानों की कर्ज माफी रिजर्व बैंक के लिए चिंता का विषय है?
- कर्ज माफी से नैतिक खतरा बढ़ता है
- कर्ज माफी से बैंकों की परेशानी बढ़ती है
- करदाताओं पर बोझ बढ़ता है
- कर्जमाफी का वादा नहीं करने पर सहमति बनना जरूरी

दरअसल, विशेषज्ञों ने पहले से ही अनुमान जताया था कि केंद्रीय बैंक 2017-18 की इस पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत ब्याज दर को वर्तमान स्तर पर बनाए रखेगा क्योंकि मुद्रास्फीति का दबाव है।

विशेषज्ञों ने मौजूदा ब्याज दर बरकरार रखने की संभावना के पीछे अमेरिका में ब्याज दर में वृद्धि को बड़ी वजह बताया और कहा कि भविष्य में नीतिगत ब्याज दर बढ़ सकती है जो घरेलू एवं बाह्य कारकों पर निर्भर करता है।
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